54 अभ्यर्थियों की याचिका खारिज
राष्ट्रवाणी, 16 जुलाई 2026 । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2019 की सहायक शिक्षक भर्ती से संबंधित 54 अभ्यर्थियों की संयुक्त याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस भर्ती विवाद पर पहले ही विस्तृत निर्णय दिया जा चुका है, इसलिए उसी विषय पर दोबारा सुनवाई या नया आदेश देने का कोई औचित्य नहीं बनता। सुनवाई न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकलपीठ ने की।
याचिका श्रवण कुमार, देव दास, दिनेश साहू सहित कुल 54 अभ्यर्थियों की ओर से दायर की गई थी। उनका कहना था कि राज्य सरकार ने 3 मार्च 2019 को सहायक शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। उन्होंने पूरी चयन प्रक्रिया में भाग लिया और दस्तावेज सत्यापन तक पहुंचे थे।
अभ्यर्थियों का दावा था कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान विभाग में कई पद रिक्त थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। उन्होंने हाईकोर्ट से राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग को रिक्त पदों पर नियुक्ति देने का निर्देश जारी करने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता वाई.एस. ठाकुर ने अदालत को बताया कि यह विवाद पहले भी हाईकोर्ट के समक्ष आ चुका है। उन्होंने 20 फरवरी 2025 को प्रेमलाल साहू बनाम छत्तीसगढ़ राज्य एवं अन्य प्रकरण में दिए गए निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि उसी फैसले में इस मुद्दे का निस्तारण हो चुका है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति गुरु ने कहा कि वर्तमान याचिका में उठाए गए सभी प्रश्न पहले के मामले से पूरी तरह समान हैं। जब किसी विषय पर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट निर्णय दे चुका हो, तब उसी मुद्दे पर अलग दृष्टिकोण अपनाने या नया आदेश पारित करने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता।
