
नयी दिल्ली: पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों के हमले का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुना। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया।
आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी जिनमें सभी पुरुष थे और सूत्रों के अनुसार अनेक मृतकों की पीड़ित पत्नियों को ध्यान में रखते हुए जवाबी अभियान के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम सबसे मुफ़ीद समझा गया।
सरकार ने एक आधिकारिक ब्रींिफग में कहा कि लक्ष्यों को रात 1.05 बजे से 1.30 बजे के बीच निशाना बनाया गया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके स्थित ठिकानों पर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा भी शामिल था।
प्रधानमंत्री मोदी ने रातभर अभियान पर नजर रखी और बाद में सफल हमले के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक में सशस्त्र बलों की प्रशंसा की। सूत्रों ने बताया कि पहलगाम में नागरिकों की हत्या का बदला लेने के लिए इस सैन्य अभियान का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखना प्रधानमंत्री का विचार था।
भारतीय परंपरा में विवाहित महिलाएं सिंदूर’ का इस्तेमाल करती हैं। पहलगाम के इस हमले में कुछ नवविवाहित युवक भी मारे गए थे और उनकी विधवाओं के शोकाकुल चेहरों ने पूरे देश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी।
हमले में मारे गए नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पार्थिव देह के पास बैठीं उनकी पत्नी हिमांशी की तस्वीर इस हमले की जघन्यता की कहानी कह रही थी। दोनों की हमले से एक सप्ताह पहले ही शादी हुई थी और वे हनीमून मनाने पहलगाम गए थे।
रायपुर के दिनेश मिरानिया और नेहा विवाह की वर्षगांठ मनाने पहुंचे थे, वहीं कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी भी फरवरी में शादी के बाद छुट्टियां मनाने अपनी पत्नी के साथ पहलगाम पहुंचे थे।

