कोलकाता: एअर इंडिया ने अपनी सैन फ्रांसिस्को-मुंबई उड़ान के एक इंजन में तकनीकी खराबी आने के कारण मंगलवार सुबह इसे कोलकाता में निर्धारित ठहराव पर ही समाप्त कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उड़ान को समाप्त किए जाने के कारण नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और ‘बोइंग777-200 एलआर’ के 211 यात्री, अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने में लग गए कि उन्हें जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए।
विमान में पायलट और चालक दल सहित 228 लोग सवार थे। विमान को पहले मंगलवार तड़के दो बजे कोलकाता से मुंबई के लिए रवाना होना था। टाटा समूह के स्वामित्व वाली इस विमानन कंपनी ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की उड़ान के उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कुछ दिनों बाद हुई है।
सूत्रों ने बताया कि एअर इंडिया फंसे हुए यात्रियों को मुंबई ले जाने के लिए ‘‘विशेष व्यवस्था’’ कर रही है। फिलहाल इस बारे में और कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। एअर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि सभी यात्रियों को नाश्ता दिया गया और उनकी पसंद के अनुसार कई यात्रियों को होटलों में स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि अन्य यात्रियों को मुंबई के लिए वैकल्पिक उड़ानों में स्थान देने के प्रयास जारी हैं।
बाद में, कोलकाता में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के एक अधिकारी ने कहा कि अधिकांश यात्रियों को हवाई अड्डे के पास एक होटल में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि कुछ को दूसरे होटल में ठहराया गया है।
आमतौर पर एअरलाइन सैन फ्रांसिस्को से सीधे मुंबई के लिए उड़ान भरती है, लेकिन पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के बंद होने सहित अन्य भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण एअर इंडिया को अपना मार्ग बदलना पड़ा और कोलकाता में ‘‘तकनीकी रूप से रुकना’’ पड़ा।
एअर इंडिया के अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘नियमों के अनुसार, आप ऐसे तकनीकी स्टॉप के दौरान यात्रियों को उतार नहीं सकते या विमान में भोजन नहीं भेज सकते।’’ कोलकाता हवाई अड्डे पर एएआई अधिकारियों ने कहा कि विमान के इंजन में एक तरफ तकनीकी समस्या का पता चला था।
सूत्रों के अनुसार, लैंंिडग के बाद की नियमित जांच के दौरान तकनीकी खामी का पता चला जिसके बाद विमानन कंपनी ने व्यापक जांच का निर्णय लिया। विमान में मौजूद ‘पीटीआई-भाषा’ के एक संवाददाता ने बताया कि विमान को मुंबई के लिए रात दो बजे रवाना होना था, लेकिन यात्रियों को 2.40 बजे के बाद खामी का पता तब चला जब चालक दल ने बताया कि इंजन में बाएं तरफ समस्या है।
संवाददाता ने बताया कि इस घोषणा के साथ एक विशेष वादा भी किया गया था कि इस खामी को ठीक करने में 25 मिनट तक का समय लगेगा। हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतता गया, मुंबई से ‘कनेंिक्टग फ्लाइट’ लेने वाले परेशान यात्रियों ने चालक दल से काम की प्रगति के बारे में पूछताछ शुरू की लेकिन कोई उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
संवाददाता ने बताया कि अगली घोषणा सुबह 4.20 बजे हुई, जिसमें पायलट ने खामी को ठीक करने के लिए 15-20 मिनट का और वक्त मांगा लेकिन खामी दूर नहीं हुई। आखिरकार, सुबह करीब 5.20 बजे पायलट ने घोषणा की कि समस्या का समाधान संभव नहीं है और सभी यात्रियों को विमान से उतरने के लिए कहा।
विमान से उतरने, अनिवार्य आव्रजन प्रक्रिया से गुजरने, सामान लेने और सीमा शुल्क चैनलों से गुजरने के बाद यात्रियों को एक निर्दिष्ट क्षेत्र में बैठने के लिए कहा गया। कुछ यात्रियों ने अधिकारियों से मुंबई जाने के लिए सबसे तेज विकल्प के बारे में पूछा। कुछ लोग भाग्यशाली रहे, जबकि अन्य को इंतजार करना पड़ा।
अंत में, एअर इंडिया के एक अधिकारी ने घोषणा की कि मुंबई जाने वाली अधिकांश उड़ानें भरी हुई हैं और उन्होंने अधिकांश यात्रियों को होटल में ‘चेक-इन’ करने के लिए राजी कर लिया। यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के साथ ही उन्हें होटल में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

