न्यूयॉर्क/वाशिंगटन. अमेरिका ने भारत की यात्रा करने वाले अपने नागरिकों के लिए एक परामर्श जारी किया है, जिसमें अपराध और बलात्कार की घटनाओं के कारण ”अधिक सावधानी” बरतने का आग्रह किया गया है तथा आतंकवाद के कारण देश के मध्य और पूर्वी भागों की यात्रा न करने की सलाह दी गई है.
पिछले सप्ताह जारी यात्रा परामर्श में कहा गया कि ”बलात्कार भारत में सबसे तेजी से बढ़ते अपराधों में से एक है” तथा पर्यटक स्थलों और अन्य स्थानों पर यौन उत्पीड़न सहित हिंसक अपराध के मामले सामने आते हैं. इसमें कहा गया है कि पर्यटक स्थलों, परिवहन केंद्रों, बाजारों/शॉपिंग मॉल और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले आतंकवादी बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकते हैं.
सोलह जून को जारी परामर्श में कहा गया है कि अमेरिकी सरकार के पास ग्रामीण क्षेत्रों में अपने नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने की सीमित क्षमता है, जो पूर्वी महाराष्ट्र और उत्तरी तेलंगाना से लेकर पश्चिमी पश्चिम बंगाल तक फैले हुए हैं.
परामर्श में अमेरिकी नागरिकों से यह भी कहा गया है कि वे ”आतंकवाद के मद्देनजर” मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों की यात्रा न करें.
इसमें कहा गया है कि माओवादी चरमपंथी समूह या नक्सली भारत के एक बड़े क्षेत्र में सक्रिय हैं जो पूर्वी महाराष्ट्र और उत्तरी तेलंगाना से लेकर बंगाल के पश्चिमी हिस्से तक फैला हुआ है. परामर्श में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में भारत सरकार के अधिकारियों पर छिटपुट रूप से हमले होते रहते हैं, जो तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की सीमा से सटे हैं. इसमें कहा गया है कि ओडिशा के दक्षिण-पश्चिमी इलाके भी प्रभावित हैं.
परामर्श में कहा गया कि भारत में काम करने वाले अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मेघालय, ओडिशा के ज्यादातर इलाकों में जाने से पहले अनुमति लेनी चाहिए. इसमें कहा गया है कि इन राज्यों की राजधानी की यात्रा के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है. अमेरिकी नागरिकों को जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर की यात्रा न करने की भी सलाह दी गई है.
इसने अपने नागरिकों को आतंकवाद और नागरिक अशांति के कारण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की यात्रा न करने की सलाह दी है.
महिला पायलट ने कैब में यात्रा के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
मुंबई. मुंबई में यात्रा के दौरान 28 वर्षीय महिला पायलट का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में उबर कैब के चालक और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. पुलिस की एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार की रात करीब 11.15 बजे तब घटी, जब महिला दक्षिण मुंबई से घाटकोपर स्थित अपने घर जा रही थी.
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता महिला का पति नौसेना में अधिकारी है. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि चूंकि उसके पति को अब तक सरकारी आवास नहीं मिला है, इसलिए वह नौसेना के आवासीय परिसर में रह रहे हैं, जबकि वह घाटकोपर में रहती है. शिकायत के मुताबिक, बृहस्पतिवार की रात दक्षिण मुंबई के एक रेस्तरां में खाना खाने के बाद पीड़िता के पति ने उसके लिए उबर कैब की बुकिंग की.
महिला के अनुसार, कैब चालक ने यात्रा के 25 मिनट बाद मार्ग बदल दिया और दो लोगों को कैब में बैठने की अनुमति दे दी. महिला के मुताबिक, कैब में एक व्यक्ति उसके साथ पिछली सीट पर बैठा था और उसने गलत तरीके से उसे छुआ. पुलिस ने शिकायत के हवाले से बताया कि जब पीड़िता ने आपत्ति जताई तो आरोपी ने धमकी दी और इस दौरान कैब चालक ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया. महिला ने बताया कि कुछ दूर जाने के बाद आरोपियों ने देखा कि आगे सड़क पर पुलिस जांच कर रही है और तो वे पहले ही वाहन से उतर गए.
महिला ने बताया कि वह घर पहुंची, तब चालक से पूछा कि उसने क्यों उन दो लोगों को वाहन में बैठने की अनुमति दी, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया. महिला ने सुबह पति को आपबीती बताई, जिसके बाद दंपति ने घाटकोपर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई.
अधिकारी ने बताया कि तीनों व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(1) (यौन उत्पीड़न), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है. उबर ने मामले में कार्रवाई करते हुए चालक की ऐप सदस्यता रद्द कर दी.
उबर के प्रवक्ता ने कहा, ”जो शिकायत आई है, वह निंदनीय है और उबर मंच पर ऐसी हरकत के लिए कोई स्थान नहीं है. उबर ऐप पर चालक को ब्लॉक कर दिया गया है. हम कानून लागू करने वाले अधिकारियों को सभी प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं.”

