नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को इस आरोप को खारिज कर दिया कि भारत ‘टैरिफ किंग’ (अत्यधिक शुल्क लगाने वाला देश) है. उन्होंने कहा कि उनके ताजा बजट में शुल्क दरों की संख्या घटाकर आठ कर दी गई है और प्रभावी दर बहुत कम है.
उन्होंने कहा, ”जो लोग अब भी अमेरिका में की गई टिप्पणी पर भरोसा करते हैं कि भारत ‘टैरिफ किंग’ हो सकता है… मैं चाहती हूं कि वे दो बातें याद रखें. हमारी शासन व्यवस्था को देखते हुए हमें शुल्क दर पर निर्णय लेने के लिए संसद की मंजूरी चाहिए… एक निश्चित स्तर तक जाने की अनुमति, लेकिन प्रभावी रूप से हमारी दरें बहुत निचले स्तर पर हैं.” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार भारत को बहुत अधिक शुल्क वाला देश बताया है. ट्रंप ने भारत को ”टैरिफ किंग” और शुल्क व्यवस्था का ”बड़ा दुरुपयोग करने वाला” कहा था.
वित्त मंत्री ने कहा कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात बढ़ाने के लिए 2025-26 के बजट में शुल्क दरों की संख्या घटाकर आठ कर दी गई. सीतारमण ने फरवरी के बजट में सात शुल्क दरें हटा दी थीं. यह 2023-24 के बजट में हटाई गई सात शुल्क दरों के अलावा थीं.
उन्होंने कहा, ”जो लोग अब भी सोचते हैं कि भारत में शुल्क बहुत अधिक हैं, तो मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि शून्य दर सहित केवल आठ (शुल्क दरें) हैं. हमने विनिर्माण और मूल्य संवर्धन का समर्थन करने, निर्यात को बढ़ावा देने और व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए शुल्क में कटौती सहित कई सुधार किए हैं.” इस महत्वपूर्ण कटौती के साथ, भारत की औसत सीमा शुल्क दर 11.65 प्रतिशत से घटकर 10.66 प्रतिशत हो गई. यह दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में प्रचलित दरों की बराबरी पर आ गई है.
अमेरिका, यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते जल्द संपन्न होंगे: सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. वर्ष 2030 तक 2,000 अरब अमेरिकी डॉलर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए निर्यात को बढ़ावा देने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि भारत ने पहले ही संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और चार देशों के ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) ब्लॉक के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर लिए हैं और ब्रिटेन के साथ बातचीत पूरी हो चुकी है. वित्त मंत्री ने कहा, ” अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ बातचीत वास्तव में बेहद तेजी से जारी है और जल्द ही निष्कर्ष पर पहुंच जाएगी.” ‘इंडिया एक्जिम बैंक’ द्वारा यहां आयोजित व्यापार सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि अब अधिक मुक्त व्यापार समझौते करने पर जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने निर्यात संवर्धन मिशन और ‘भारत ट्रेड नेट’ की बजट में की गई घोषणाओं का भी उल्लेख किया, जो एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है जो व्यापार दस्तावेजीकरण एवं वित्तपोषण समाधान के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करता है. बजट में उभरते मझोले शहरों और व्यापार सुविधा उपायों में सेवा-आधारित विकास को और अधिक समर्थन देने के लिए वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के लिए एक राष्ट्रीय ढांचे का भी प्रस्ताव किया गया है.
देश के निर्यात का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में वस्तुओं एवं सेवाओं का कुल निर्यात 825 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो 2023-24 की तुलना में छह प्रतिशत की वृद्धि है. उन्होंने कहा कि जहां वैश्विक निर्यात में केवल चार प्रतिशत की वृद्धि हुई, वहीं भारत के निर्यातक व्यापार मोर्चे पर वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद तेजी से आगे बढ़ने और 6.3 प्रतिशत की वृद्धि को पार करने में सफल रहे हैं. उन्होंने निर्यातकों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए उनसे आग्रह किया कि वे नवोन्मेषण पर ध्यान केंद्रित करें तथा अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशें.

