अंकारा. उत्तरी इराक की एक गुफा में कुर्द उग्रवादियों द्वारा पूर्व में मारे गए एक सैनिक के अवशेषों के तलाश अभियान के दौरान तुर्किये के सात और सैनिकों की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या 12 पहुंच गई है. तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी.
मंत्रालय के अनुसार, सैनिक एक पहाड़ी गुफा में अवशेष तलाश रहे थे, तभी उनमें से 19 सैनिक मीथेन गैस के संपर्क में आ गए.
रंगहीन, गंध हीन और ज्वलनशील इस गैस के कारण दम घुट जाने से मौत हो सकती है. मंत्रालय ने बताया कि इस गैस के कारण सोमवार को सात और सैनिकों ने दम तोड़ दिया जबकि पांच सैनिक पहले मारे जा चुके थे.
मंत्रालय ने सोमवार को कहा, ”हम इस दुखद घटना में अपनी जान गंवाने वाले हमारे वीर शहीदों के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं.” साथ ही इसने प्रभावित अन्य सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा भी व्यक्त की. इसमें कहा गया है कि रक्षा मंत्री यासर गुलेर और सशस्त्र बलों के कमांडर यहां निरीक्षण और मूल्यांकन करने तथा अंतिम संस्कार समारोहों में हिस्सा लेने के लिए क्षेत्र की यात्रा कर रहे हैं.
मंत्रालय ने कहा कि यह घटना ‘क्लॉ-लॉक ऑपरेशन क्षेत्र’ में हुई – जो अप्रैल 2022 में उत्तरी इराक में कुर्दस्तिान वर्कर्स पार्टी या पीकेके के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान से संबंधित है. गैस से प्रभावित सात अन्य सैनिकों की स्थिति के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल सकी.

