वडोदरा/अहमदाबाद. गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार सुबह चार दशक पुराने एक पुल का हिस्सा ढह जाने से कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए, जिससे भाई-बहन समेत 11 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य को बचा लिया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि बचाए गए लोगों में से कुछ को चोटें आई हैं. पुलिस अधीक्षक (वडोदरा ग्रामीण) रोहन आनंद ने बताया कि मध्य गुजरात को राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र से जोड़ने वाले गंभीरा पुल का एक ‘स्लैब’ ढह गया, जिससे 11 लोगों की मौत हो गई. पुल जिले में पादरा शहर के पास स्थित है.
घटनास्थल के दृश्यों में देखा जा सकता है कि पुल के दो खंभों के बीच बने स्लैब का पूरा हिस्सा ढह गया. स्लैब के ढहने से पुल से गुजर रहे वाहन नदी में गिर गए. आनंद ने बताया कि बचाए गए नौ लोगों में से पांच को वडोदरा के एसएसजी (सर सैयाजीराव जनरल) अस्पताल रेफर किया गया है. बचाए गए लोगों में से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है. उन्होंने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे पुल का 10 से 15 मीटर लंबा स्लैब ढह गया. वडोदरा के जिलाधिकारी अनिल धमेलिया ने बताया कि पुल ढहने के बाद पांच वाहन – दो ट्रक, दो वैन, एक ऑटोरिक्शा और एक दोपहिया – नदी में गिर गए.
जिलाधिकारी ने बताया कि दो अन्य वाहन जो गिरने ही वाले थे, उन्हें खींचकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. उन्होंने बताया कि नदी में गिरे दोपहिया वाहन पर सवार तीन लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए. पुलिस ने बताया कि पुल ढहने की घटना में मारे गए 11 लोगों में दो साल का एक बच्चा और उसकी चार वर्षीय बहन भी शामिल हैं. मृतकों में से अधिकतर वडोदरा और आणंद जिले के निवासी थे. एसएसजी अस्पताल में इलाज करा रहे पांच लोगों में से चार पुरुष और एक महिला हैं. पुलिस ने बताया कि घायलों में से एक राजस्थान के उदयपुर जिले का रहने वाला है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस त्रासदी पर दुख व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिजनों को क्रमश: दो लाख रुपये और चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की.
मोदी के हवाले से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”गुजरात के वडोदरा जिले में एक पुल के ढहने से हुई जनहानि बेहद दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. प्रत्येक मृतक के परिजन को पीएमएनआरएफ से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.”
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि राज्य के सड़क एवं भवन विभाग को इस दुर्घटना की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है. सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि राज्य सड़क एवं भवन विभाग तथा पुल निर्माण में विशेषज्ञता रखने वाले निजी इंजीनियरों की टीम को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने तथा पुल ढहने के कारणों और अन्य तकनीकी मामलों की प्रारंभिक जांच करने एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. गुजरात के मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि पुल का निर्माण 1985 में हुआ था और समय-समय पर तथा जरूरत के अनुसार इसका रखरखाव किया जाता था. मंत्री ने कहा, ”घटना के वास्तविक कारण की जांच की जाएगी.”
गुजरात पुल हादसा :बीच नदी से महिला ने लगाई गुहार, मेरे बच्चे और पति डूब रहे हैं उन्हें बचा लो
गुजरात के वडोदरा जिले के महिसागर नदी में पुल का एक हिस्सा ढह जाने के बाद दिल को झकझोर देने वाला दृश्य देखने को मिला जब नदी में डूबे वाहन के ऊपर बैठी 35 वर्षीय सोनलबेन पढियार वहां मौजूद लोगों से अपने दो बच्चों और पति को बचाने की गुहार लगाती दिखीं. हालांकि, जब तक बचावकर्मी मौके पर पहुंचे, बहुत देर हो चुकी थी. उसके पति और बच्चे पहले ही डूब चुके थे, और बचावकर्मी बाद में उनके शव निकाले.
इस दिल दहला देने वाले दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें सोनलबेन एक वाहन के डूबे हुए मलबे पर बैठी दिखाई दे रही हैं, उनका शरीर आंशिक रूप से पानी में डूबा हुआ है. वह रोते हुए घटनास्थल के पास जमा लोगों से मदद मांग रही हैं.
वह गुजराती में बदहवास होकर चिल्लाती नजर आ रही हैं, ”मेरे बच्चे डूब गए… मेरे पति डूब गए, कृपया उन्हें बचा लो.” उसे दिलासा देने के लिए, पुल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा व्यक्ति उसे बताता है कि बचाव दल आ रहे हैं.
उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ”हम भावनगर के बगदाना में प्रार्थना करने जा रहे थे. हमारी वैन में सात यात्री सवार थे. हम सुबह 6.30 बजे निकले और लगभग सात बजे पुल पर पहुंचे. जब हम पुल पार कर रहे थे, तो एक हिस्सा ढह गया, जिससे कई वाहन नदी में गिर गए.”
विपक्ष ने वडोदरा में पुल ढहने के मामले में सरकार पर साधा निशाना, मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा
गुजरात के वडोदरा में पुल का एक हिस्सा गिरने से 10 लोगों की मौत के कुछ घंटों बाद विपक्षी दलों ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने पहले भी प्रशासन का ध्यान पुल की स्थिति की ओर आर्किषत किया था, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया और कोई कार्रवाई नहीं की.
घटना के बारे में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अमित चावड़ा ने कहा, “कांग्रेस नेताओं समेत स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार कहा था कि पुल की हालत बहुत खराब है. हमने कहा था कि 40 साल का होने के कारण अब पुल का समय पूरा हो चुका है.” उन्होंने कहा, “हालांकि, सरकार ने इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया. राज्य सरकार की आपराधिक लापरवाही के कारण पुल ढह गया. हम इस गंभीर लापरवाही के लिए ज.म्मिेदार लोगों की जांच और सज.ा की मांग करते हैं.” उन्होंने कहा कि राज्य में पुल ढहने की घटनाओं में वृद्धि के मद्देनजर सरकार को सभी पुराने पुल का ऑडिट करवाना चाहिए. चावड़ा ने कहा कि रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि लोगों को पता चल सके कि उन्हें उस पुल पर यात्रा करनी चाहिए या नहीं. आम आदमी पार्टी (आप) की गुजरात इकाई के अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के इस्तीफे की मांग की.
उन्होंने कहा, “गुजरात में भाजपा नीत सरकार के भ्रष्टाचार के कारण कई लोगों की जान गई है. यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि मानव निर्मित आपदा है. राज्य सरकार की लापरवाही के कारण लोगों की जान गई है.” गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने कहा कि यह सरासर आपराधिक लापरवाही का मामला है.
उन्होंने कहा, “सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 2022 में पुल की खराब हालत की ओर ध्यान दिलाया था. उन्होंने इस पुल के पुर्निनर्माण की मांग की थी. लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया. यह आपराधिक लापरवाही का मामला है.” प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख वाघेला ने कहा, “अदालत की निगरानी में जांच होनी चाहिए और इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए.”

