थंबीगनीपल्ली. आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में संपत्ति विवाद के चलते एक बुजुर्ग महिला को खंभे से बांधने का वायरल वीडियो ‘बनावटी’ है. पुलिस ने मंगलवार को यह खुलासा किया. उसने बताया कि थंबीगनीपल्ली गांव में महिला के ससुराल वालों ने वीडियो के लिए इस कथित घटना का नाटक किया था.
पुलिस ने बताया कि मुनप्पा नाम के एक व्यक्ति की दो पत्नियां थीं गंगम्मा और मुनेम्मा. मुनप्पा का 5 जुलाई को निधन हो गया और उनका अंतिम संस्कार 13 जुलाई को किया गया. मृत्यु के बाद उनके परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति विवाद शुरू हो गया. घटना की इसी पृष्ठभूमि पर वायरल वीडियो में गंगम्मा को एक पाइप के सहारे खंभे से बंधा हुआ दिखाया गया जबकि उसका बेटा सुरेश उसके पास ही खड़ा था. कुप्पम के डीएसपी बी पार्थसारथी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जब उन्हें इस कथित कृत्य की शिकायत मिली तो पुलिस मौके पर गई और पाया कि घटना फर्जी थी.
उन्होंने कहा, “जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो गंगम्मा खंभे के पास खड़ी थीं और उनके शरीर पर एक पाइप लिपटा हुआ था लेकिन वह बंधा हुआ नहीं था. यह पुष्टि हो गई है कि यह पूरी तरह से एक मनगढ़ंत घटना थी जिसे सुरेश और उसके परिवार ने संपत्ति विवाद के चलते गढ़ा था. इसके लिए कोई और ज़म्मिेदार नहीं था.” पुलिस ने पाया कि सुरेश ने मुनेम्मा की बेटियों की मौजूदगी में यह घटना रची थी.
नाटकीय घटना के बाद सुरेश ने अपनी सौतेली मां मुनेम्मा के बेटे मंजूनाथ पर अपनी मां गंगम्मा को बांधने का झूठा आरोप लगाया.
हालांकि, पुलिस ने कहा कि उन्हें पता चला कि जब सुरेश ने यह घटना रची थी तब मंजूनाथ वहां मौजूद ही नहीं था. पुलिस ने आगे कहा कि गंगम्मा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. वीडियो मनगढ़ंत था और यह सुरेश द्वारा मंजूनाथ को बदनाम करने की कोशिश थी.
राल्लबुदुगुरु पुलिस स्टेशन ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है.

