नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाने वालों को मौलिक संवैधानिक ज्ञान का अभाव है और वे भारतीय मतदाताओं की तुलना में विदेशी नागरिकों के बारे में अधिक चिंतित हैं.
सिंह ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में सवाल उठाया कि निर्वाचन आयोग अपना कर्तव्य निभा रहा है, लेकिन इससे किसी को असहज क्यों होना चाहिए? उनका कहना था, ”मुझे लगता है कि ऐसे सवाल उठाने वालों को संविधान की कुछ समझ होनी चाहिए. चुनाव आयोग बस वही कर रहा है जो संविधान में अनिवार्य है.” विपक्ष का दावा है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया से करोड़ों पात्र लोग मताधिकार से वंचित हो जाएंगे जो प्रासंगिक दस्तावेज. प्रस्तुत करने में विफल रहते हैं.
सिंह ने कहा, ”उसने (चुनाव आयोग ने) केवल दो बातें पूछी हैं: व्यक्ति भारतीय नागरिक है या नहीं, और दस्तावेज असली हैं या नकली. इससे किसी के लिए असहज स्थिति क्यों हो रही है?” मंत्री ने आरोप लगाया, ”क्या वे (विपक्षी नेता) विदेशियों को लेकर चिंतित हैं? चाहे रोहिंग्या हों या बांग्लादेशी, क्या उनकी चिंता यही लोग है? ऐसे लोगों को देशभक्त नहीं कहा जा सकता.”

