मुंबई. स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 543 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी 158 अंक के नुकसान में रहा. मुख्य रूप से प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली और विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी जारी रहने से बाजार में गिरावट आई.
सकारात्मक शुरुआत के बावजूद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स इस गति को बनाये नहीं रख सका और बाद में इसमें गिरावट आई. सेंसेक्स 542.47 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,184.17 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान, एक समय यह 679.42 अंक तक लुढ़क गया था.
बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में 2,410 शेयरों में गिरावट रही जबकि 1,645 शेयर बढ़त में रहे. वहीं 166 के भाव अपरिर्वितत रहे.
पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 157.80 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,062.10 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एनटीपीसी प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं.
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), टाटा मोटर्स, सन फार्मा, टाटा स्टील और टाइटन शामिल हैं. इन्फोसिस के शेयर में एक प्रतिशत की गिरावट आई. जून तिमाही के वित्तीय परिणाम के बाद कंपनी के शेयर में मुनाफावसूली का सिलसिला चला. एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सकारात्मक दायरे में बंद हुए. यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख रहा. बुधवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ” सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई. भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को लेकर शुरुआती सकारात्मक प्रभाव की जगह सतर्कता ने ले ली क्योंकि निवेशकों का ध्यान अब कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है.” उन्होंने कहा, ”पहली तिमाही के हल्के प्रदर्शन के कारण आईटी और एफएमसीजी (दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों) से जुड़ी बड़ी कंपनियों के शेयर नुकसान में रहे. हालांकि, पहली तिमाही के नतीजे मोटे तौर पर ठीक रहे हैं, लेकिन यह अधिक मूल्यांकन को सही नहीं ठहराते….” भारत और ब्रिटेन ने बृहस्पतिवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए. इससे ब्रिटेन की व्हिस्की, कार और कई वस्तुओं पर शुल्क में कटौती होगी. साथ ही द्विपक्षीय व्यापार में सालाना लगभग 34 अरब डॉलर की वृद्धि होगी.
इस समझौते पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड ने हस्ताक्षर किये. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर भी मौजूद थे. भारतीय अधिकारियों के अनुसार, एफटीए से शुल्क से 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात को लाभ होने की उम्मीद है. इससे ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में व्हिस्की, कार और अन्य उत्पादों का निर्यात आसान हो जाएगा. साथ ही कुल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा.
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अजित मिश्रा ने कहा, ”वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों की साप्ताहिक समाप्ति के दिन बाजार दबाव में रहा…स्थिर शुरुआत के बाद, मुख्य रूप से इन्फोसिस के नतीजों के बाद आईटी कंपनियों में लगातार कमजोर रुख और हाल की तेजी के बाद निजी बैंकों के शेयरों में मुनाफावसूली के कारण निफ्टी नुकसान में जाता रहा और अंत में आधा प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 25,062.10 पर बंद हुआ.” छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.50 प्रतिशत नीचे आया और मझोली कंपनियों से संबंधित मिडकैप 0.43 प्रतिशत टूटा.
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 4,209.11 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले कारोबार में 4,358.52 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.24 प्रतिशत बढ़कर 69.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. सेंसेक्स बुधवार को 539.83 अंक चढ़कर बंद हुआ जबकि निफ्टी 159 अंक मजबूत हुआ था.

