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Home»Country»धनबाद खदान का ‘ढहना’: सटीक स्थान की जानकारी न होने से NDRF शुरू नहीं कर पाई बचाव अभियान
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धनबाद खदान का ‘ढहना’: सटीक स्थान की जानकारी न होने से NDRF शुरू नहीं कर पाई बचाव अभियान

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniJuly 24, 2025No Comments5 Mins Read
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धनबाद खदान का ‘ढहना’: सटीक स्थान की जानकारी न होने से NDRF शुरू नहीं कर पाई बचाव अभियान
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धनबाद/गिरडीह/रांची. झारखंड के धनबाद में खदान के कथित रूप से ढहने की घटना पर असमंजस जारी है. जहां कई नेताओं ने अनेक लोगों की मौत का दावा किया है, वहीं घटनास्थल की सटीक जानकारी नहीं मिल पाने से खदान में कथित रूप से फंसे खनिकों को बचाने के लिए तैनात की गई एनडीआरएफ की टीम अभियान शुरू नहीं कर पाई है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

गिरिडीह के सांसद सी.पी. चौधरी द्वारा बाघमारा थाने में धरना दिए जाने के बाद बुधवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को तैनात किया गया था. चौधरी ने खदान ढहने की खबर के बाद तत्काल बचाव कार्य शुरू करने की मांग की थी. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय ने घटना में कम से कम 15 मौतों को छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर लीपापोती का आरोप लगाया और कहा कि यह “सबूत नष्ट करने के लिए लोगों को जानबूझकर ताजी मिट्टी के नीचे दफनाने” का मामला है.

केसरगढ़ क्षेत्र का दौरा करने वाले रॉय के अनुसार, जमीन को हाल में कोयला पत्थरों और मिट्टी से ढक दिया गया था, और कथित तौर पर खनन माफिया से जुड़े लगभग 15 लोगों ने क्षेत्र को घेर लिया था. उन्होंने बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) और पुलिस पर अवैध खनन कार्यों में सहायता करने और जिम्मेदार लोगों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया. चौधरी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि इस घटना में कम से कम नौ श्रमिकों की जान चली गई.

आरोपों के बावजूद, धनबाद जिला प्रशासन, बीसीसीएल और पुलिस के अधिकारियों ने दावा किया कि अब तक ऐसी किसी घटना के कोई संकेत नहीं मिले हैं. एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “दुर्घटनास्थल की सही जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है, इसलिए बचाव अभियान शाम छह बजे तक शुरू नहीं हो सका. धनबाद प्रशासन और बीसीसीएल भी घटनास्थल की पहचान नहीं कर पाए हैं.” हालांकि, चौधरी ने मंगलवार शाम को अवैध खनन गतिविधियों के दौरान एक खदान की छत गिरने के बाद कथित तौर पर फंसे पांच लोगों की सूची सौंपी.

वहीं, राय ने कहा कि वह पांच अगस्त से शुरू हो रहे झारखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में इस मुद्दे को उठाएंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को एक रिपोर्ट भी सौंपेंगे. अब तक मौतों के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बाघमारा के एसडीपीओ पुरुषोत्तम सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “एनडीआरएफ सभी संदिग्ध स्थानों का निरीक्षण कर रही है, लेकिन अब तक ऐसी किसी घटना का कोई संकेत नहीं मिला है.” स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि बीसीसीएल के ब्लॉक-2 में बंद पड़ी भूमिगत खदान धंस गई, जिससे अवैध खनन गिरोह से जुड़े करीब आधा दर्जन मजदूर फंस गए.

इस बीच, गिरिडीह के ताराटांड इलाके में एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ है, जहां से धनबाद के बाघमारा में कथित खदान ढहने की घटना के बाद से चार श्रमिक लापता हैं. ग्रामीणों ने दावा किया कि चारों बाघमारा के लिए निकले थे और अब तक वापस नहीं आए हैं. इनमें कुंडलवाड़ा गांव निवासी 35 वर्षीय अजीज अंसारी उर्फ चरकू अंसारी, 35 वर्षीय अफजल अंसारी उर्फ खान साहब, अंबाबेड़ा गांव निवासी 32 वर्षीय दिलीप साहब और मथुरासिंघा गांव निवासी 30 वर्षीय जमशेद अंसारी शामिल है.

लापता श्रमिकों में से एक के परिवार के सदस्य ने कहा, “चारों लोग खदानों में काम करते थे. धनबाद पुलिस ने हमें घटनास्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी.” धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमने सुझाए गए स्थान पर एनडीआरएफ की एक टीम भेजी है, लेकिन अब तक ऐसी किसी घटना का कोई संकेत नहीं मिला है.” चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया, “बाघमारा के केसरगढ़ा में अवैध कोयला खनन के दौरान खदान धंसने से नौ लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका है. सूचना मिलते ही मैं तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा और निरीक्षण किया. मैं बाघमारा थाने पहुंचा और प्रशासन से जल्द से जल्द घटना की पूरी जांच की मांग की और सख्त निर्देश दिया कि जब तक सभी मृतकों को बाहर नहीं निकाल लिया जाता, हम यहीं बैठे रहेंगे.” ऑल झारखंड स्टूडेंट मूवमेंट (आजसू) के सांसद ने आरोप लगाया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो प्रशासन की मौजूदगी में कोयला माफिया ने उनका विरोध किया.

उन्होंने आरोप लगाया, “जब एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम आदमी के साथ क्या होता होगा, यह अकल्पनीय है. यह भी जानकारी मिली है कि खदान का मुहाना माफिया द्वारा रातोंरात बंद कर दिया गया था, ताकि मामले को दबाया जा सके.” जनता दल (यू) नेता सरयू राय ने आरोप लगाया कि यह घटना जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन की विफलता को दर्शाती है.

उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा के लिए कोयला खदान में सीआईएसएफ र्किमयों की भारी तैनाती के बावजूद कोयला चोरी और अवैध खनन की घटनाएं बेरोकटोक जारी हैं, जो चिंता का विषय है.” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “धनबाद के बाघमारा इलाके में अवैध खनन के कारण लोगों के हताहत होने की खबरें हैं. इस पूरे हादसे को बड़े पैमाने पर दबाने की कोशिश की जा रही है.” बीसीसीएल के क्षेत्रीय नोडल सुरक्षा अधिकारी राजीव रंजन ने भी बताया कि ब्लॉक-2 क्षेत्र में बंद भूमिगत खदान से किसी घटना की सूचना नहीं मिली है. हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ता बिजय झा ने दावा किया कि घटना वास्तव में घटित हुई थी और मंगलवार की रात अवैध खनन गिरोहों द्वारा घटनास्थल तक पहुंचने के मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया था.

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