मुंबई. शेयर बाजार में सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही. बीएसई सेंसेक्स जहां 572 अंक लुढ़क गया, वहीं एनएसई निफ्टी 156 अंक के नुकसान में रहा. कोटक महिंद्रा बैंक में भारी बिकवाली और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चतता के बीच बाजार में गिरावट आई.
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 572.07 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,891.02 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 686.65 अंक तक लुढ़क गया था. पचास शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 156.10 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,680.90 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 35 शेयर नुकसान में जबकि 15 बढ़त में रहे.
विश्लेषकों के अनुसार, निराशाजनक तिमाही नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली से शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट आई. इस दौरान निफ्टी दो प्रतिशत यानी 539 अंक से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि सेंसेक्स 1,835 अंक यानी 2.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ लगभग दो महीने के निचले स्तर पर आ गया.
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर में 7.31 प्रतिशत की गिरावट आई. बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ जून तिमाही में 4,472 करोड़ रुपये रहा है. प्रतिकूल वृहद आर्थिक परिस्थितियों के कारण खुदरा वाणिज्यिक वाहन पोर्टफोलियो पर दबाव का संकेत है. इससे कंपनी के शेयर में बड़ी गिरावट आई.
इसके अलावा बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, टाइटन, टाटा कंसल्टेंसी र्सिवसेज, एचसीएल टेक और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे. दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी शामिल हैं.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”पहली तिमाही के निराशाजनक नतीजों, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी और लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी के कारण घरेलू बाजार की धारणा सतर्क बनी हुई है. इसके उलट, अमेरका यूरोपीय संघ के व्यापार से जुड़े घटनाक्रमों से वैश्विक बाजार मोटे तौर पर सकारात्मक बने हुए हैं.
उन्होंने कहा, ”अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा के साथ कंपनियों के तिमाही परिणाम निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.” छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 1.31 प्रतिशत नीचे आया जबकि मझोली कंपनियों से संबंधित मिडकैप 0.73 प्रतिशत टूटा.
बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में 2,874 गिरावट में, जबकि 1,264 लाभ में रहे. वहीं 161 के भाव अपरिर्वितत रहे. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,979.96 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. एशिया के अन्य बाजारों में, जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे. यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था. शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे.
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.91 प्रतिशत बढ़कर 69.05 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

