लखनऊ/नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव पर एक मौलाना द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर सोमवार को सख्त नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह न केवल एक महिला सांसद की गरिमा पर, बल्कि एक भारतीय महिला की अस्मिता पर भी हमला है. मंत्री ने इस मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए इसे ‘शर्मनाक’ बताया.
हाल में एक चैनल पर हुई परिचर्चा में मौलाना साजिद रशीदी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी एवं सांसद डिंपल यादव के दिल्ली स्थित एक मस्जिद में हुई बैठक के दौरान उनके पहनावे पर अभद्र टिप्पणी की थी. प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री मौर्य ने यहां भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में रशीदी की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा, ”यह न केवल एक महिला सांसद की गरिमा पर बल्कि एक भारतीय महिला और उसकी संस्कृति पर भी हमला है. हमारी और डिंपल यादव जी की विचारधारा अलग हो सकती है लेकिन किसी महिला का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है.”
इस मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की कथित चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ”डिंपल यादव जी पर की गई अभद्र टिप्पणी पर अखिलेश यादव की चुप्पी न केवल निंदनीय है बल्कि शर्मनाक भी है. क्या मौलाना के बयान पर सपा प्रमुख की चुप्पी इस सोच से मेल खाती है कि अब सपा में महिलाओं की गरिमा का फैसला मौलवी करेंगे?” मौर्य ने यह टिप्पणी सपा सांसद डिंपल यादव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में रशीदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किये जाने के एक दिन बाद की है. स्थानीय निवासी प्रवेश यादव की शिकायत पर रविवार शाम विभूति खंड थाने में रशीदी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
कैबिनेट मंत्री ने कहा, ”हमारी विचारधारा सपा से अलग है लेकिन भाजपा किसी भी महिला का अपमान बर्दाश्त नहीं करती. चाहे डिंपल यादव का मामला हो या किसी और महिला का. हर महिला का सम्मान हमारी प्राथमिकता है. भाजपा उनके साथ उनके राजनीतिक रुख की वजह से नहीं बल्कि एक महिला होने की वजह से खड़ी है.” उन्होंने कहा, ”डिंपल यादव जी ने पूरी गरिमा और भारतीय मर्यादा के अनुरूप कपड़े पहने थे, फिर भी एक मौलाना ने उन्हें निशाना बनाया. क्या अब सपा अपनी महिला सांसदों की गरिमा और पहनावे का फैसला मौलवियों के कहने पर करेगी? सपा प्रमुख डिंपल यादव जी के पति अखिलेश यादव की चुप्पी भी उनके वोट बैंक के लालच को दर्शाती है.”
मौर्य ने दावा किया, ”वोटों की खातिर महिलाओं की अस्मिता और सम्मान से अखिलेश यादव का यह समझौता उनकी कमजोरी और राजनीतिक स्वार्थ को दर्शाता है कि एक खास समुदाय की नाराजगी से बचने और उनके वोट पाने के लिए वे किस हद तक जा सकते हैं.” उन्होंने दावा किया कि सपा प्रमुख की चुप्पी यह भी दर्शाती है कि वे कट्टरपंथियों और तालिबानी मानसिकता वालों के इतने बड़े समर्थक हैं और राजनीतिक फायदे के लिए वह अपनी पत्नी के अपमान पर भी चुप हैं. मंत्री ने यह भी कहा कि यादव परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी इस मुद्दे पर चुप हैं.
सत्तापक्ष के लोग मणिपुर की घटना, सैन्य अधिकारी पर टिप्पणी के खिलाफ भी खड़े होते तो अच्छा होता: डिंपल
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अपने ऊपर एक मौलाना द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी करने के खिलाफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों के प्रदर्शन को लेकर सोमवार को कहा कि अच्छा होता कि सत्तापक्ष के लोग मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई घटना और सेना की एक महिला अधिकारी पर भाजपा नेताओं की विवादित टिप्पणियों को लेकर भी इसी तरह खड़े होते. उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी बात है कि उनके खिलाफ टिप्पणी मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
डिंपल यादव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में राजग के कई सांसदों ने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट विरोध प्रदर्शन किया. सत्तापक्ष के विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर डिंपल ने संवाददाताओं से कहा, ”अच्छा होता कि मणिपुर में घटना, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में आया था, के खिलाफ खड़े होते तो अच्छा होता. ऑपरेशन सिंदूर के समय भाजपा के कई बड़े-बड़े नेताओं द्वारा सेना की अधिकारी (सोफिया कुरैशी) के खिलाफ किस तरह से बात की गई. अगर ये (सत्तापक्ष के सांसद) उनके साथ खड़े दिखाई देते तो अच्छा होता.”

