इस्लामाबाद/बीजिंग. पाकिस्तान ने जलवायु परिवर्तन से संबंधित खतरों की निगरानी और प्रतिक्रिया की अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए चीन के सिचुआन प्रांत से एक नए रिमोट सेंसिंग उपग्रह का बृहस्पतिवार को प्रक्षेपण किया. पाकिस्तान के अंतरिक्ष एवं ऊपरी वायुमंडल अनुसंधान आयोग (सुपरको) के तकनीकी सहयोग से शीचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र पर कुआइझोउ-1ए (केजेड-1ए) रॉकेट के जरिये पाकिस्तान रिमोट-सेंसिंग सैटेलाइट (पीआरएसएस-1) को प्रक्षेपित किया गया. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, पीआरएसएस-1 अपनी निर्धारित कक्षा में प्रवेश कर चुका है.
बताया गया है कि उपग्रह का उपयोग मुख्य रूप से भूमि संसाधन सर्वेक्षण और आपदा प्रतिक्रिया से जुड़े क्षेत्रों में किया जाएगा.
सरकारी रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, “यह उपग्रह बाढ़, भूस्खलन, ग्लेशियर पिघलने और वनों की कटाई जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.” पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस उपलब्धि की सराहना की और कहा, “आज हमारे देश के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण है, क्योंकि पाकिस्तान ने चीन के शीचांग अंतरिक्ष केंद्र से पाकिस्तान अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत अपने चौथे पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया है.” इकबाल ने सुपरको के योगदान की प्रशंसा की और कहा कि यह उपलब्धि पाकिस्तान-चीन अंतरिक्ष सहयोग की बढ़ती ताकत को दर्शाती है.
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “यह उपलब्धि न केवल पाकिस्तान की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए बल्कि पाकिस्तान-चीन दोस्ती को आसमान से भी आगे ले जाने लिहाज से महत्वपूर्ण है.” यह इस वर्ष चीन द्वारा प्रक्षेपित किया गया पाकिस्तान का दूसरा उपग्रह है.
जनवरी में, चीन ने पीआरएससी-ईड1 नामक एक उपग्रह प्रक्षेपित किया था. चीन पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तान के लिए उपग्रह प्रक्षेपित कर रहा है, जिससे दोनों देशों की सदाबहार दोस्ती का अंतरिक्ष क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है. पिछले वर्ष, चीन ने पाकिस्तान के लिए एक विभिन्न मिशनों में काम आने वाला संचार उपग्रह प्रक्षेपित किया था. साल 2018 में, चीन ने दो पाकिस्तानी उपग्रहों को कक्षा में भेजा था.

