पटना. बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पांच छोटे दलों का एक गठबंधन बनाने की मंगलवार को घोषणा की. तेज प्रताप ने यह घोषणा एक संवाददाता सम्मेलन में की, जिसमें पांचों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी शामिल हुए.
तेज प्रताप को हाल ही में उनके पिता एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
ये पांच दल विकास वंचित इंसान पार्टी (वीवीआईपी), भोजपुरिया जन मोर्चा (बीजेएम), प्रगतिशील जनता पार्टी (पीजेपी), वाजिब अधिकार पार्टी (डब्ल्यूएपी) और संयुक्त किसान विकास पार्टी (एसकेवीपी) हैं. तेज प्रताप ने कहा कि वह इस साल के अंत में होने वाला विधानसभा चुनाव महुआ सीट से लड़ेंगे, जिसका उन्होंने 2020 तक प्रतिनिधित्व किया. बाद में राजद ने उन्हें हसनपुर स्थानांतरित कर दिया था.
उन्होंने कहा, ”लोग मेरा मजाक उड़ाने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन मैं अपना रास्ता खुद चुनूंगा. हमारा गठबंधन सामाजिक न्याय, सामाजिक अधिकार और बिहार के पूर्ण परिवर्तन को सुनिश्चित करने के लिए मिलकर आगे बढ़ेगा.” उन्होंने कहा, ”यदि जनता हमें जनादेश देती है, तो हम राज्य के विकास के लिए काम करेंगे. हम राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जयप्रकाश नारायण के सपनों को साकार करने के लिए काम करेंगे.” यादव ने कहा कि वह महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे.
उन्होंने कहा, ”लोग मेरा समर्थन कर रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग अब मेरी ‘टीम तेज प्रताप यादव’ से जुड़े हैं, जो लोगों तक पहुंच बनाने का एक सोशल मीडिया मंच है.”
बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को उनके पिता लालू प्रसाद ने 25 मई को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था. उससे एक दिन पहले ही उन्होंने अनुष्का नाम की एक युवती के साथ “रिश्ते में” होने की बात कथित तौर पर कबूल की थी. हालांकि, बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट को यह कहते हुए हटा दिया था कि उनका पेज “हैक” हो गया था.
लालू प्रसाद ने तेज प्रताप यादव को उनके “गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार” के कारण त्याग दिया था. पार्टी से निष्कासन के कुछ दिनों बाद, तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया था कि उनके और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के बीच दरार डालने की “साजिश” रची जा रही है.
उन्होंने अपनी भावनाएं सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कुछ पोस्ट में व्यक्त की थीं और इस संकट के लिए ‘जयचंद’ को जिम्मेदार ठहराया था. तेज प्रताप यादव का पार्टी से निष्कासन बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुआ. राजद तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की नौ संतान हैं और उनमें से तेज प्रताप और तेजस्वी यादव सहित चार भाई-बहन राजनीति में सक्रिय हैं.

