नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणी पर विपक्षी पार्टी की सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा की ओर से दी गई प्रतिक्रिया को शीर्ष अदालत के प्राधिकार को ‘सीधी चुनौती’ करार दिया है.
सत्तारूढ़ दल ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया कि वह इस मामले में स्वत: संज्ञान ले.
कुछ महीने पहले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने टिप्पणी की थी कि ”उच्चतम न्यायालय देश को अराजकता की ओर ले जा रहा है.” उनकी इस टिप्पणी को लेकर शीर्ष अदालत ने फटकार लगाई थी. केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने उक्त घटना का संदर्भ देते हुए कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए. भारतीय सेना के बारे में राहुल गांधी की टिप्पणी पर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को नाराजगी जताते हुए कहा था कि अगर वह सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बात नहीं कहेंगे. शीर्ष अदालत की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी की बहन एवं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को कहा था कि कोई न्यायाधीश अथवा न्यायपालिका यह तय नहीं कर सकते कि कौन सच्चा भारतीय है.
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने प्रियंका गांधी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बुधवार को कहा, ”अगर अदालतें यह तय नहीं करेंगी कि कौन राष्ट्रीय है और कौन राष्ट्र-विरोधी, तो कौन करेगा?” मालवीय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”गांधी परिवार का आत्मसंतुष्ट होना न केवल हैरान करने वाला है, बल्कि न्यायपालिका की अवमानना की भी बू आती है. यह बेशर्मी से की गई अवज्ञा उच्चतम न्यायालय के अधिकार को सीधी चुनौती है और इसे यूं ही नहीं छोड़ा जा सकता.”
भाजपा नेता ने कहा, ”अदालत को स्वत? संज्ञान लेना चाहिए, जैसा उसने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के मामले में लिया था. कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए. गांधी परिवार को यह मानने की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वे इससे ऊपर हैं.” दुबे ने भी कहा कि उच्चतम न्यायालय को प्रियंका गांधी की टिप्पणियों का संज्ञान लेना चाहिए. दुबे ने संसद भवन परिसर में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”अन्यथा लोगों का न्यायपालिका से विश्वास उठ जाएगा.”

