भोपाल. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने सिंधु, झेलम और चेनाब नदियों का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को देकर देश के साथ बेईमानी की थी जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लेकिन सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया. 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान जाने के एक दिन बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कठोर कदम उठाए थे, जिनमें 1960 की सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को ‘स्थगित’ करना शामिल था.
चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा में तिरंगा यात्रा में हिस्सा लेते हुए कहा, “कांग्रेस ने देश के साथ बेईमानी की थी. नेहरू जी (जवाहरलाल नेहरू) ने भी बेईमानी की. हमारी सिंधु, झेलम, चिनाब का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने कह दिया कि पानी और खून एक साथ बह नहीं सकते. उन्होंने वह सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया.” उन्होंने कहा नेहरू ने पाकिस्तान को पानी दिया और पैसे भी दिए लेकिन वहां से आए आतंकवादियों ने पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या की.
उन्होंने कहा, “हमने आतंक के अड्डे सटीक निशाना लगाकर खंडहर में बदल दिए. उन्होंने हमारे 26 निर्दोष नागरिकों को मारा, हमने आतंक के आकाओं की लाशों के ढेर पाकिस्तान में लगा दिए और पाकिस्तान की हिमाकत का जवाब दिया.” राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद ऑपरेशन महादेव को सफलता से अंजाम दिया. उन्होंने कहा, “ये आज का भारत है, जो दुनिया की आंखों में आंखें मिलाकर बात करता है. अभी पड़ोसी देश गीदड़ भभकियां दे रहा है. भारत किसी भी गीदड़ भभकी से डरने वाला नहीं है.
उन्होंने कहा, “सिंधु जल समझौता अब मुद्दा नहीं है, मुद्दा है पाकिस्तान ऑक्युपाइड कश्मीर (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर), वो हमारा है और हमारा ही होगा.” विदिशा में तिरंगा यात्रा और स्वदेशी मार्च निकालने से पहले, मंत्री ने एक स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिला सदस्यों के साथ रक्षा बंधन मनाया. यात्रा और पदयात्रा विदिशा के माधवगंज चौराहे से शुरू होकर रायसेन के महामाया चौक पर समाप्त हुई. चौहान का विभिन्न स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया. उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घर पर तिरंगा फहराने की अपील की और स्वदेशी को अपनाने का संकल्प दिलाया.

