Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

न्यूजीलैंड ने दूसरे टी20 में दक्षिण अफ्रीका को 68 रन से हराकर श्रृंखला बराबर की

March 17, 2026

निर्माण श्रमिक पंजीयन में अनियमितता के आरोप में श्रम निरीक्षक निलंबित

March 17, 2026

अफगानिस्तान में अस्पताल पर पाकिस्तान का हवाई हमला, भारत ने कड़ी निंदा की

March 17, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Country»बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण: तृणमूल सांसद गोखले बोले, लोगों के नागरिकता गंवाने का खतरा
Country

बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण: तृणमूल सांसद गोखले बोले, लोगों के नागरिकता गंवाने का खतरा

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniAugust 14, 2025No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण: तृणमूल सांसद गोखले बोले, लोगों के नागरिकता गंवाने का खतरा
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

नयी दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि बिहार में जारी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सिर्फ मतदाता के तौर पर लोगों के नाम सूची से हटाने का मामला नहीं है, बल्कि इससे उनके नागरिकता गंवाने का भी खतरा है.

गोखले ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में लोकसभा में गृह मंत्रालय के एक जवाब का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने ऐसे दस्तावेज की सूची नहीं दी है जो नागरिकता साबित कर सके. गोखले ने लिखा, ”हाल ही में संसद में मोदी सरकार ने यह खुलासा करने से इनकार कर दिया कि कौन सा दस्तावेज ‘नागरिकता का प्रमाण’ है. हालांकि, इसने यह कहा कि आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस आदि नागरिकता के प्रमाण नहीं हैं.”

उन्होंने कहा, ”इसलिए, वर्तमान कानूनों के तहत नागरिकता स्थापित करने का केवल एक ही तरीका है: यदि आपकी जन्मतिथि 1 जुलाई 1987 से पहले है, तो आपको यह साबित करना होगा कि आपका जन्म भारत में हुआ था; यदि आपकी जन्मतिथि 1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 के बीच है, तो आपको यह साबित करना होगा कि आपका और आपके किसी एक माता-पिता का जन्म भारत में हुआ था; यदि आपकी जन्मतिथि 3 दिसंबर 2004 के बाद है, तो आपको यह साबित करना होगा कि आपका और माता-पिता दोनों का जन्म भारत में हुआ था.” तृणमूल सांसद ने कहा कि जन्मतिथि और जन्मस्थान साबित करने का मुख्य दस्तावेज जन्म प्रमाणपत्र है.

उन्होंने कहा, ”अब यहां समस्या यह है कि 2022 तक भारत में केवल 75 प्रतिशत जन्म अस्पतालों में हुए (और इसलिए स्वत? पंजीकृत हो गए).” उन्होंने कहा, ”वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार केवल 82 प्रतिशत जन्म पंजीकृत थे जिसका मतलब यह है कि पिछले 10 वर्षों में जन्मे लगभग 20 प्रतिशत भारतीयों के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं है.” गोखले ने कहा, ”यदि वर्तमान में यह स्थिति है, तो कल्पना कीजिए अतीत में क्या हाल रहा होगा. जब न इंटरनेट था, न तकनीक और अस्पतालों में जन्म भी कम होते थे. यह कहना सही होगा कि लगभग 20-25 प्रतिशत भारतीयों के पास अपना जन्म प्रमाणपत्र नहीं है. अगर इसमें माता-पिता के प्रमाणपत्र भी जोड़ दिए जाएं, तो यह संख्या कई गुना बढ़ जाएगी.” उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग सीमित दस्तावेज को ही स्वीकार कर ”जन्म संबंधी विवरण” के आधार पर नागरिकता साबित करने की मांग कर रहा है.

गोखले ने आरोप लगाया, ”इसका मतलब है कि तकनीकी रूप से 25 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ‘नागरिकता साबित करने में विफल’ होने पर हटाए जा सकते हैं.” उन्होंने दावा किया, ”अगर मोदी सरकार अगले साल जनगणना के साथ राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करती है, तो 20-30 प्रतिशत भारतीयों को (अपने तथा माता-पिता के जन्म प्रमाणपत्र न होने पर) ‘ग.ैर-नागरिक’ करार दिया जा सकता है.” सांसद ने आगे कहा कि यदि आप अपने जन्म का प्रमाण और कई मामलों में अपने माता-पिता का भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो आपको मतदाता सूची से हटाया जा सकता है. मतदाता सूची से हटाए जाने के बाद, चुनाव आयोग आपको ‘गैर-नागरिक’ के रूप में प्रस्तुत भी कर सकता है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ‘एसआईआर वोट चोरी’ प्रक्रिया ‘नागरिकता चोरी’ की पहली कड़ी है. यह केवल मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मामला नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकता छिनने का खतरा भी शामिल है.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleअमेरिका अन्य क्षेत्रों में पाक के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने की नयी संभावनाएं तलाश रहा : रुबियो
Next Article नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के 14 गांवों में पहली बार फहराया जाएगा तिरंगा
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Country

वाराणसी में दीपावली पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम को सुगंधित फूलों और रोशनी से सजाया गया

October 18, 2025
Country

असम मंत्रिपरिषद का विस्तार, बीपीएफ के विधायक चरण बोरो को शामिल किया गया

October 18, 2025
Country

हाथरस में फर्जी मुठभेड़ में गिरफ्तार दो युवक अंतिम रिपोर्ट लगने के बाद रिहा

October 18, 2025
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

न्यूजीलैंड ने दूसरे टी20 में दक्षिण अफ्रीका को 68 रन से हराकर श्रृंखला बराबर की

March 17, 2026

निर्माण श्रमिक पंजीयन में अनियमितता के आरोप में श्रम निरीक्षक निलंबित

March 17, 2026

अफगानिस्तान में अस्पताल पर पाकिस्तान का हवाई हमला, भारत ने कड़ी निंदा की

March 17, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.