Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

छत्तीसगढ़ कैडर के IAS रवि मित्तल पीएमओ में उप सचिव नियुक्त

March 19, 2026

2027 के विश्वकप तक मुख्य चयनकर्ता बने रहेंगे अजीत अगरकर? BCCI से कार्यकाल बढ़ाने की मांग की

March 19, 2026

श्रम विभाग की योजनाओं से श्रमिक बनेंगे आत्मनिर्भर, मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

March 19, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Business»पैसा आधारित ऑनलाइन गेम गंभीर सामाजिक मुद्दा; समाज पर पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव: वैष्णव
Business

पैसा आधारित ऑनलाइन गेम गंभीर सामाजिक मुद्दा; समाज पर पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव: वैष्णव

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniAugust 20, 2025No Comments5 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
पैसा आधारित ऑनलाइन गेम गंभीर सामाजिक मुद्दा; समाज पर पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव: वैष्णव
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

नयी दिल्ली. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि पैसे से जुड़ा ऑनलाइन गेम एक गंभीर सामाजिक और जन स्वास्थ्य समस्या बन गया है और इसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में पैसे आधारित ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को पारित करने के बाद कहा कि प्रस्तावित कानून ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देगा और भारत को ऐसे गेम के विकास का केंद्र बनाएगा.

मंत्री ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि पैसा आधारित ऑनलाइन गेम के हानिकारक प्रभावों ने सामाजिक नुकसान को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता को अनिवार्य बना दिया है. मंत्री ने कहा कि इस मामले पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया और पैसा आधारित ऑनलाइन गेम के हानिकारक प्रभावों को रोकने के तरीकों का पता लगाने के लिए उद्योग जगत के साथ कई दौर की बातचीत हुई. प्रस्तावित स्व-नियामक ढांचा भी कारगर नहीं रहा.

वैष्णव ने कहा, ”हम उद्योग जगत से उन लत लगने वाली ऐसी चीजों को हटाने का अनुरोध कर रहे हैं जो इसमें शामिल हैं. धन शोधन के मामले सामने आए हैं और पैसा आधारित ऑनलाइन गेम में आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने जैसे गंभीर मामले भी सामने आए हैं. सीमापार से धन का प्रवाह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. इसलिए विधेयक का मसौदा तैयार करते समय इन सभी बातों को ध्यान में रखा गया है. इस विधेयक से क्षेत्र के उद्योग के खत्म होने तथा निवेश एवं नौकरियों पर असर पड़ने के तर्क के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि सरकार वास्तव में गेमिंग उद्योग के विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम बनाएगी. मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग तीन मुख्य क्षेत्रों के साथ एक ‘प्रमुख क्षेत्र’ के रूप में उभरा है.

उन्होंने कहा, ”दो क्षेत्र, ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग, समाज के लिए अच्छे हैं. हम तीन में से दो क्षेत्रों को बढ़ावा दे रहे हैं… और हम ऐसे कार्यक्रम बनाएंगे जो गेमिंग उद्योग के विकास में मदद करेंगे. और गेमिंग उद्योग में कार्यरत लोगों को नए अवसर मिलेंगे. पैसे से जुड़ा ऑनलाइन गेम…समाज पर इसका एक स्पष्ट नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. वैष्णव ने कहा कि जब समाज को काफी नुकसान हो रहा हो, तो समाज की भलाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

लोकसभा ने पैसे से खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम के संचालन, खेल की सुविधा देने और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने वाले ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक को पारित कर दिया है. उसके बाद वैष्णव ने यह बात कही. सरकार ऐसे ऐप के जरिये बढ़ती लत, धन शोधन और वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कदम उठा रही है. मंत्री ने कहा कि जहां तक डिजिटल तकनीक का सवाल है, ऑनलाइन गेमिंग तीन मुख्य क्षेत्रों के साथ एक ‘प्रमुख क्षेत्र’ के रूप में उभरा है.

उन्होंने कहा, ”दो क्षेत्र, ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग, समाज के लिए अच्छे हैं. हम तीन में से दो क्षेत्रों को बढ़ावा दे रहे हैं… इन दोनों को कानूनी मान्यता मिलेगी और इनका प्रचार किया जाएगा. यह विधेयक एक प्राधिकरण बनाएगा जो मूल रूप से ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम और योजनाएं बनाएगा.” मंत्री ने कहा कि तीसरा क्षेत्र, पैसे से जुड़ा ऑनलाइन गेम है, जो समाज को नुकसान पहुंचा रहा है और यह एक प्रमुख सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभरा है.

वैष्णव ने कहा, ”यहां तक कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी ऑनलाइन गेम खेलने की लत और उसके दुष्प्रभाव को लेकर एक नई बीमारी ‘गेमिंग डिस्ऑर्डर’ को वर्गीकृत किया है जो चिंता, अवसाद, नींद की समस्या, सामाजिक अलगाव और तनाव का कारण बनती है.” मंत्री ने कहा, ”यह मनोवैज्ञानिक संकट और पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में गंभीर व्यवधान पैदा करता है. हमने देखा है कि पैसे से खेले जाने वाला ऑनलाइन गेम की लत के कारण मध्यम वर्ग के परिवारों को अपनी पूरी जीवन भर की बचत गंवानी पड़ी है. आत्महत्या के मामले भी सामने आए हैं.” मंत्री ने लोकसभा में विधेयक पारित होने पर कहा कि विपक्ष इस विधेयक पर चर्चा करने को तैयार नहीं था. वैष्णव ने कहा, ”यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ऐसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा करने को तैयार नहीं है जिनका समाज पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ रहा है.”

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के एक हिस्से ने किया विधेयक का स्वागत, आशंकाएं भी कायम
धन-आधारित ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक का गेमिंग उद्योग के एक बड़े हिस्से ने स्वागत किया है जबकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि व्यापक प्रतिबंध से गेमिंग बाजार के कुछ खंड प्रभावित हो सकते हैं. लोकसभा ने बुधवार को ‘ऑनलाइन गेमिग प्रोत्साहन एवं नियमन विधेयक, 2025’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया. इस विधेयक में ऑनलाइन मनी गेम को प्रतिबंधित किए जाने के साथ उनके विज्ञापन एवं बैंकों के माध्यम से लेनदेन पर भी रोक का प्रावधान है.

नॉडविन गेमिंग के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक अक्षत राठी ने कहा, ह्लई-स्पोर्ट्स को मान्यता एवं प्रोत्साहन देना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन विभिन्न खंडों को लेकर स्पष्टता के लिए विधेयक में प्रयुक्त परिभाषाएं स्पष्ट होनी जरूरी हैं ताकि भ्रम न फैले.ह्व एस8यूएल के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनिमेश अग्रवाल ने कहा, ह्लकौशल-आधारित प्रतिस्पर्धी गेमिंग और सट्टेबाजी में साफ फर्क कर यह विधेयक ऑनलाइन गेमिंग पारिस्थितिकी की साख बचाने का काम करता है.ह्व सुपरगेमिंग के सह-संस्थापक रॉबी जॉन ने कहा, ह्लवीडियो गेम को ई-स्पोर्ट की सरकारी मान्यता मिलने से अब वीडियो गेम उद्योग को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिलना तय है.ह्व

हालांकि, ग्रांट थॉर्नटन भारत के अनन्य जैन ने इसे दुधारी तलवार बताते हुए कहा कि विधेयक में किए गए कड़े प्रतिबंध छोटे गेमिंग स्टार्टअप और उभरते डेवलपर पर अनुपालन बोझ डाल सकते हैं. इस बीच, गेमिंग उद्योग से जुड़े तीन संगठनों ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा कि यह क्षेत्र दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का मूल्यांकन रखता है और सालाना 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कर राजस्व देता है. ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन, ई-गेमिंग फेडरेशन और फेडरेशन ऑफ इंडियन फैंटेसी स्पोर्ट्स ने यह पत्र लिखा है.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleयह अधिनियम भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ठोस ढांचा प्रदान करता है: बिंद्रा
Next Article अनुराग कश्यप ने AI निर्मित फिल्म ‘चिरंजीवी हनुमान’ को लेकर निर्माता विजय सुब्रमण्यम की आलोचना की
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Business

The Bonus Market Update: हरे निशान पर खुला भारतीय शेयर बाजार; सेंसेक्स 296 अंक चढ़ा, निफ्टी 23600 के पार

March 18, 2026
Business

आज की सोना-चांदी की कीमतें: 3000 रुपये का उछाल, सोना 1.57 लाख रुपये पर पहुंचा

March 17, 2026
Business

सर्राफा बाजार में गिरावट, चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता

March 16, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

छत्तीसगढ़ कैडर के IAS रवि मित्तल पीएमओ में उप सचिव नियुक्त

March 19, 2026

2027 के विश्वकप तक मुख्य चयनकर्ता बने रहेंगे अजीत अगरकर? BCCI से कार्यकाल बढ़ाने की मांग की

March 19, 2026

श्रम विभाग की योजनाओं से श्रमिक बनेंगे आत्मनिर्भर, मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

March 19, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.