मॉस्को. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ अंतिम बचे परमाणु समझौते की फरवरी में समाप्ति के बाद, मास्को और एक वर्ष तक परमाणु हथियार सीमा का पालन करेगा. पुतिन ने कहा कि 2010 की ‘न्यू स्टार्ट’ संधि के समाप्त होने के वैश्विक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेंगे और परमाणु शस्त्रों के प्रसार को हवा मिल सकती है.
उन्होंने टेलीविजन पर एक संदेश में कहा, ”आगे रणनीतिक हथियारों की दौड़ को भड़काने से बचने और पूर्वानुमान और संयम के स्वीकार्य स्तर को सुनिश्चित करने के लिए, हमारा मानना ??है कि वर्तमान, बल्कि अशांत अवधि के दौरान नई स्टार्ट संधि द्वारा स्थापित यथास्थिति को बनाए रखने का प्रयास करना उचित है.” उन्होंने कहा, ”इसलिए रूस 5 फरवरी, 2026 के बाद न्यू स्टार्ट संधि की केंद्रीय मात्रात्मक सीमाओं का एक और साल तक पालन करने के लिए तैयार है.” पुतिन ने कहा, ”परिस्थिति के हमारे विश्लेषण के आधार पर हम इस स्वैच्छिक आत्मसंयम को बनाये रखने पर फैसला करेंगे.” उन्होंने कहा कि रूस इस बात की उम्मीद करता है कि अमेरिका भी उसके उदाहरण का अनुसरण करेगा और संधि की सीमाओं का पालन करेगा.
रूस के राष्ट्रपति ने कहा, ”हमारा मानना ??है कि यह उपाय तभी व्यवहार्य होगा जब अमेरिका भी इसी तरह कार्य करेगा और ऐसे कदम नहीं उठाएगा जो निवारक क्षमता के मौजूदा संतुलन को कमजोर या बाधित करें.” पुतिन ने रूसी एजेंसियों को निर्देश दिया कि ”संबंधित अमेरिकी गतिविधियों पर करीबी नजर रखी जाए और खासतौर पर रणनीतिक हमले वाले हथियारों के संबंध में निगरानी रखी जाए.” तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के उनके समकक्ष दमित्री मेदवेदेव के बीच हुई न्यू स्टार्ट संधि के अनुसार, प्रत्येक देश के 1,550 से अधिक परमाणु हथियार और 700 से अधिक मिसाइलें और बमवर्षक तैनात नहीं होने चाहिए.
इसकी आगामी फरवरी में होने वाली समाप्ति और समझौते को बढ़ाने को लेकर बातचीत की कमी ने हथियार नियंत्रण के पैरोकारों को चिंतित कर दिया है.

