जेनेवा. भारत ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए विस्फोट में 24 लोगों की मौत का हवाला देते हुए कहा कि पड़ोसी मुल्क को आतंकवादियों को पनाह देने और अपने ही लोगों पर बमबारी करने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और मानवाधिकार रिकॉर्ड सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.
जेनेवा में भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर क्षितिज त्यागी ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ निराधार बयानबाजी के लिए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की आलोचना की. त्यागी ने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 60वें नियमित सत्र में मंगलवार को कहा, ”एक प्रतिनिधिमंडल भारत के खिलाफ निराधार और भड़काऊ बयानबाजी करके इस मंच का दुरुपयोग कर रहा है.” पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का जिक्र करते हुए त्यागी ने पाकिस्तान से ”उसके अवैध कब्जे” वाले भारतीय क्षेत्र को खाली करने को कहा.
उन्होंने कहा, ”हमारे क्षेत्र पर गलत नजर डालने के बजाय उन्हें भारत के उस क्षेत्र को खाली करना चाहिए, जिस पर उन्होंने अवैध कब्जा किया हुआ है.” खैबर पख्तूनख्वा में हुई घटना का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवादियों को पनाह देने और अपने ही लोगों पर बमबारी करने से फुर्सत मिले तो उसे अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और मानवाधिकार रिकॉर्ड सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.
त्यागी ने कहा, ”चरमराई हुई अर्थव्यवस्था, सैन्य प्रभुत्व वाली राजनीति और मानवाधिकारों का दागदार रिकॉर्ड. एक दिन जब वे आतंकवाद को बढ़ावा देने, संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों को पनाह देने और अपने ही लोगों पर बमबारी करने से फुर्सत पाएंगे, तब शायद उक्त मुद्दों पर ध्यान दे पाएंगे.” खैबर जिले के तिराह घाटी के मतूर दारा इलाके में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकवादियों के एक परिसर में सोमवार को बम बनाने की सामग्री से हुए धमाके में 10 लोगों और 14 आतंकवादियों की मौत हो गई. यह क्षेत्र अफगानिस्तान से सटा हुआ है.
इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की प्रांतीय शाखा और निवासियों ने दावा किया कि तिराह घाटी में ‘विमान से बम गिराए जाने’ के कारण विस्फोट हुआ. स्थानीय प्रशासन ने परिसर पर हवाई हमलों के दावों का खंडन करते हुए कहा कि बम बनाने में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों में धमाका हुआ.
तुर्किये के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया
तुर्किये के राष्ट्रपति तैयब एर्दोआन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया और कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल संघर्ष के बाद हुए ”संघर्षविराम” से उनका देश ”खुश” है. एर्दोआन ने कहा कि आतंकवाद-रोधी प्रयासों में भारत और पाकिस्तान के बीच सहयोग देखना महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा, ”कश्मीर मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर और कश्मीर के हमारे भाइयों और बहनों के हित में संवाद के माध्यम से होना चाहिए. हम यही उम्मीद करते हैं.” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र को संबोधित करते हुये कहा, ”दक्षिण एशिया में हम शांति और स्थिरता को सर्वोच्च महत्व देते हैं. हमें खुशी है कि बीते अप्रैल में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव के बाद संघर्षविराम स्थापित हुआ. ऐसा तनाव जो संघर्ष का रूप ले चुका था.” हाल के वर्षों में तुर्किये के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र में अपने संबोधन के दौरान बार-बार कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया है.
भारत ने सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गयी थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी. भारत के हमलों के बाद चार दिन तक दोनों देशों के बीच झड़पें हुईं और आखिरकार 10 मई को सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति बनी.

