काठमांडू. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने बुधवार को मतदाता पंजीकरण अधिनियम में संशोधन से संबंधित एक अध्यादेश जारी किया, जिससे मार्च 2026 के आम चुनाव से पहले नये मतदाताओं के नाम दर्ज करने का रास्ता साफ हो गया. यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की द्वारा राष्ट्रपति पौडेल से मुलाकात के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने आम चुनाव समय पर कराने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की.
राष्ट्रपति कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, राष्ट्रपति ने मंत्रिपरिषद की सिफारिश के आधार पर नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 114 की धारा(1) के अनुसार बुधवार को यह अध्यादेश जारी किया. मतदाता पंजीकरण अधिनियम, 2073 बिक्रम संवत में संशोधन से पांच मार्च, 2026 को होने वाले आगामी चुनाव के लिए नये मतदाताओं के नाम दर्ज करने का रास्ता साफ हो जाएगा. कार्की की राष्ट्रपति पौडेल के साथ राष्ट्रपति भवन (शीतल निवास) में मुलाकात, प्रधानमंत्री द्वारा यहां निर्वाचन आयोग (ईसी) के अधिकारियों के साथ आम चुनाव की तैयारियों पर चर्चा के एक दिन बाद हुई.
कार्की (73) बारह सितंबर को प्रधानमंत्री बनी थीं. इसके साथ ही के पी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद से राजनीतिक अनिश्चितता का दौर समाप्त हो गया था. भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के मुद्दे पर युवाओं के नेतृत्व वाले ‘जेन जेड’ समूह ने ओली की सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किया था.
पौडेल ने कार्की की सिफारिश पर प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया और नए चुनाव कराने के लिए पांच मार्च की तिथि घोषित की थी.
राष्ट्रपति कार्यालय के करीबी सूत्रों ने बताया, ”पौडेल के साथ बैठक के दौरान, कार्की ने वर्तमान राजनीतिक व सुरक्षा स्थिति, पांच मार्च 2026 को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव और देश की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की.” कार्की ने मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी के साथ बैठक के दौरान आवश्यक कानूनी संशोधनों, चुनाव प्रबंधन, संसाधन जुटाने और अन्य संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया था.
आयोग की सूचना अधिकारी सुमन घिमिरे ने कहा, ”आयोग जल्द से जल्द नये मतदाताओं के नाम एकत्र करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करेगा.” उन्होंने बताया कि यह अध्यादेश युवा पीढ़ी को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर प्रदान करेगा. उन्होंने कहा, ”चूंकि चुनाव की तारीख पांच मार्च, 2026 तय की गई है, इसलिए हम चार मार्च तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वालों को मतदान का अधिकार देने का प्रयास करेंगे.” फिलहाल 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र मतदाताओं की अनुमानित संख्या 1,81,68,000 है.

