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Home»Chhattisgarh»छग सरकार माओवादी हिंसा के कारण विस्थापित आदिवासियों के लिए पुनर्वास योजना तैयार करे: NCST
Chhattisgarh

छग सरकार माओवादी हिंसा के कारण विस्थापित आदिवासियों के लिए पुनर्वास योजना तैयार करे: NCST

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniSeptember 25, 2025No Comments2 Mins Read
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छग सरकार माओवादी हिंसा के कारण विस्थापित आदिवासियों के लिए पुनर्वास योजना तैयार करे: NCST
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने छत्तीसग­ढ़ सरकार से माओवादी हिंसा के कारण राज्य से विस्थापित हुए और अब कथित तौर पर पड़ोसी राज्यों में कठिन परिस्थितियों में रह रहे आदिवासी लोगों को वापस लाने के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार करने को कहा है.

आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के पुनर्वास के लिए काम करने वाले संगठन, ‘वलासा अधिवासुला समाइक्य’ के सदस्यों ने आठ सितंबर को एक बैठक में एनसीएसटी को बताया कि उन्होंने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 283 गैर-मान्यता प्राप्त गांवों में एक सर्वेक्षण किया, जिसमें पाया गया कि दोनों राज्यों में 9,651 विस्थापित परिवार (लगभग 48,300 लोग) रह रहे हैं.

हालांकि, छत्तीसग­ढ़ के अनुसूचित जाति विकास विभाग ने जुलाई में एनसीएसटी को सूचित किया कि उसकी सर्वेक्षण टीमों ने 3,335 परिवारों (14,159 सदस्यों) की पहचान की है, जो दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश चले गए है. छत्तीसग­ढ़ सरकार ने आयोग को बताया कि ओडिशा और महाराष्ट्र में किसी भी विस्थापित परिवार की सूचना नहीं मिली है. तेलंगाना और आंध्र प्रदेश ने पहले एनसीएसटी को सूचित किया था कि उनके सर्वेक्षणों से पता चला है कि उनके राज्यों में क्रमश: 23,500 और 8,500 गोट्टीकोया लोग रहते हैं.

आठ सितंबर की बैठक में एनसीएसटी ने याचिकाकर्ता वलासा को निर्देश दिया कि वह अपने सर्वेक्षण के आंकड़े छत्तीसग­ढ़ सरकार के साथ साझा करें तथा सरकार से कहा कि वह आंकड़ों की पुन? जांच करें. आयोग ने छत्तीसग­ढ़ को “माओवादी गुरिल्ला और भारतीय सुरक्षा बलों के बीच हिंसा” से प्रभावित विस्थापित आदिवासी लोगों की वापसी के लिए एक “विस्तृत रणनीति” तैयार करने की भी सलाह दी.

एनसीएसटी ने कहा, “ऐसी रणनीति के बिना कोई भी व्यक्ति राज्य में वापस लौटने को तैयार नहीं होगा.” आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि विस्थापित परिवारों को कम से कम पांच एकड़ भूमि, आजीविका सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास, सामुदायिक प्रमाण पत्र और राशन दिया जाना चाहिए.

आयोग ने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए नीतिगत उपाय करने के वास्ते मामला जनजातीय कार्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय के ध्यान में लाया जाना चाहिए. एनसीएसटी को मार्च 2022 में वलासा से एक याचिका प्राप्त हुई थी, जिसमें कहा गया था कि गोट्टीकोया समुदाय के सदस्य माओवादी-संबंधी हिंसा से बचने के लिए 2005 में छत्तीसग­ढ़ से भाग गए थे और तब से उन्हें तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

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