रायपुर। राजधानी के चंगोराभाठा इलाके में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। यहां किराए के मकान में रह रहे नक्सली पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ने इलाज का बहाना बनाकर मकान किराए पर लिया था और लंबे समय से शहरी नेटवर्क में सक्रिय थे।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम जग्गू उर्फ रमेश कुरसम (28) और कमला कुरसम (27) बताए जा रहे हैं। दोनों मूल रूप से बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। फिलहाल ये रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा में रह रहे थे। पुलिस को शक है कि ये बीते 5-6 साल से रायपुर में ही ठिकाना बनाए हुए थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि जग्गू कई बड़े अफसरों के घर ड्राइवर और गार्ड की नौकरी कर चुका है। जिस मकान से यह पकड़े गए, वहां यह महज एक महीने पहले ही शिफ्ट हुए थे। मकान मालिक को महिला कमला ने फर्जी आधार कार्ड देकर किराया अनुबंध कराया था। इलाज का बहाना बनाकर ये दंपत्ति मकान में रह रहे थे।
इंटेलिजेंस इनपुट मिलने के बाद डीडी नगर पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया। शुरुआत में आरोपी गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उनका असली चेहरा सामने आ गया। पुलिस को इनके घर से मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अहम दस्तावेज भी मिले हैं, जो नक्सली संगठन से इनके संबंध को पुख्ता करते हैं।
गुरुवार को दोनों को बिलासपुर NIA कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने महिला कमला को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि जग्गू को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब पूछताछ में यह खुलासा होगा कि किस-किस अधिकारी के घर पर उसने नौकरी की और नक्सली संगठन तक किस तरह की जानकारियां पहुंचाई।

