दुबई. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को एशिया कप फाइनल में टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया . फाइनल में तटस्थ प्रस्तोता की पीसीबी की एशियाई क्रिकेट परिषद से गुजारिश के बाद भारत और पाकिस्तान के कप्तानों के अलग अलग इंटरव्यू रवि शास्त्री और वकार युनूस ने लिये . भारतीय हरफनमौला हार्दिक पंड्या चोट के कारण फाइनल से बाहर हैं . र्हिषत राणा और अर्शदीप सिंह की जगह रिंकू सिंह और शिवम दुबे खेलेंगे . पाकिस्तान ने अंतिम एकादश में कोई बदलाव नहीं किया है .
एशिया कप फाइनल : पहली बार कप्तानों ने टॉस के समय अपने देश के प्रस्तोताओं से बात की
भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप फाइनल से पहले भी तनाव जारी रहा जब टॉस के समय कप्तानों के इंटरव्यू भारत के रवि शास्त्री और पाकिस्तान के वकार युनूस ने लिये . अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार दो पूर्व खिलाड़ियों ने टॉस के समय इंटरव्यू किये . पाकिस्तानी टीम फाइनल में भारतीय प्रस्तोता शास्त्री से बात नहीं करना चाहती थी .
प्रसारकों से पता चला कि टूर्नामेंट में इससे पहले भारत पाकिस्तान मैचों के दौरान टॉस के समय कप्तानों से बात करने वाले शास्त्री को फाइनल में भी टॉस के बाद सूर्यकुमार और सलमान अली आगा से बात करनी थी . पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हालांकि एशियाई क्रिकेट परिषद से तटस्थ प्रस्तोता की तांग की . एसीसी ने जब बीसीसीआई से संपर्क किया तो भारतीय बोर्ड ने साफ तौर पर कहा कि शास्त्री को हटाया नहीं जायेगा .
बीच का रास्ता निकालने के लिये यह तय किया गया कि पाकिस्तान के कप्तान सलमान अपने देश के महान पूर्व तेज गेंदबाज वकार से और सूर्यकुमार पूर्व कोच रहे शास्त्री से बात करेंगे . सलमान ने ट्रॉफी के साथ फोटोशूट भी अकेले किया . बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार एसीसी ने उन्हें टॉस फोटो शूट के बारे में नहीं बताया था . बारबाडोस में 2024 टी20 विश्व कप फाइनल के दौरान भी भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन माक्ररम का कोई फोटो शूट नहीं हुआ था .
दुबई में क्रिकेट उत्सव: प्रशंसकों के लिए ‘भारत बनाम पाकिस्तान’ फाइनल जंग नहीं, बल्कि त्योहार
दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और इसके आसपास का माहौल रविवार शाम को उत्सव में तब्दील हो गया जहां ‘भारत बनाम पाकिस्तान’ एशिया कप फाइनल मैच शुरू होने से कई घंटे पहले ही भारत और पाकिस्तान के प्रशंसक कतारों में लग गए. खेल प्रशंसकों के हंसी-मजाक, गानों और चीयर से माहौल आनंददायक बन गया जिससे एक बार फिर क्रिकेट मुकाबला खुशनुमा लगने लगा.
महाराष्ट्र से आए प्रशंसकों के एक समूह ने बॉलीवुड तर्ज पर नारे लगाते हुए कहा, ”दो रुपैया का च्यूइंग गम, सूर्या भाऊ सिंघम. ” इसी कतार में खड़े पाकिस्तान के कुछ समर्थक इस पर मुस्कुराए बिना नहीं रह सके और शायद याद दिला रहे थे कि क्रिकेट अब भी मजेदार हो सकता है. वहीं दूसरी ओर ‘स्पोर्ट्स सिटी’ की सड़कों पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे गूंज रहे थे. छोटे बच्चे रोहन के लिए यह सपने जैसा था जो भारत बनाम पाकिस्तान मैच देखने के लिए अपने पिता के साथ अबुधाबी से डेढ. घंटे की यात्रा करके आया था.
बड़े साइज की भारतीय जर्सी पहने इस बच्चे ने कहा, ”जसप्रीत बुमराह उन्हें आउट कर देंगे.” शारजाह में रहने वाले अफजल और आमिर दोनों भाई भी मैच की भावनाओं से ओतप्रोत थे, आमिर ने 1980 और 1990 दशक की याद करते हुए कहा, ”पापा हमें शारजाह में पाकिस्तान के दबदबे के बारे में बताया करते थे जब भारत नहीं जीत पाता था. ” दोनों टूर्नामेंट में पाकिस्तान को मिली दो हार से दोनों निराश थे. अफजल ने कहा, ”अगर हम फिर हार गए तो दुख होगा. लेकिन कल सोमवार है और हफ्ते शुरू होने से पेशेवर जिम्मेदारियां शुरू हो जाएंगी. ”
शायद दुबई में प्रवासी लोगों का यही मिजाज है. बीते जमाने के तनावपूर्ण माहौल के विपरीत घर से दूर रहने वाले प्रवासियों के लिए लिए भारत-पाकिस्तान मुकाबले का टिकट हासिल करना किसी उत्सव का टिकट बुक करने जैसा है. यह जोश से भरे माहौल, हंसी मजाक और क्रिकेट के रोमांच के बारे में है. उन्हें इसकी परवाह नहीं कि खिलाड़ी हाथ मिलाते हैं या नहीं, एक-दूसरे से नजरें मिलाते हैं या नहीं. भारतीय प्रशंसक चाहते हैं कि अभिषेक शर्मा स्टेडियम में छक्कों की बरसात करे तो पाकिस्तान के प्रशंसकों को उम्मीद है कि शाहीन शाह अफरीदी सटीक यॉर्कर फेंकेंगे. पर सवाल अब भी बरकार है. अगर खेल प्रेमी खेल से राजनीति को अलग कर सकते हैं, इसे जंग के बजाय एक खेल मुकाबला मान सकते हैं तो क्या अब समय नहीं आ गया है कि हितधारक भी ऐसा ही करें?

