नयी दिल्ली. कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से हालिया मुलाकात का उल्लेख करते हुए बुधवार को दावा किया कि ”स्वयंभू विश्वगुरु” बेनकाब हो गए हैं तथा भारतीय कूटनीति में अब शेखी बघारने एवं दिखावे का समय खत्म हो चुका है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्रंप के एक वक्तव्य का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह आसिम मुनीर से मुलकात एवं उनकी एक टिप्पणी की तारीफ करते सुने जा सकते हैं.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”राष्ट्रपति ट्रंप का उस व्यक्ति के प्रति मोह जारी है जिसके भड़काऊ, उकसाने वाले और सांप्रदायिक रूप से द्वेषपूर्ण बयानों ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि तैयार की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले तीन महीनों में न केवल व्हाइट हाउस में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से दो बार मुलाकात की है, बल्कि अब ट्रंप का कहना है कि उन्हें 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोककर लोगों की जान बचाने के लिए फील्ड मार्शल (मुनीर) द्वारा की गई प्रशंसा का तरीका बहुत पसंद आया.” उन्होंने कहा, ”ट्रंप ने आगे कहा कि उनके चीफ ऑफ स्टाफ ने फील्ड मार्शल (मुनीर) की प्रशंसा को ‘एक बेहद खूबसूरत बात’ बताया.”
रमेश ने दावा किया, ”जहां तक भारतीय कूटनीति का सवाल है, तो अब नारेबाजी, दिखावा, शेखी बघारने और उपदेश देने का समय खत्म हो गया है. चुनौतियां कई हैं, न केवल अमेरिका के साथ, बल्कि कई अन्य देशों के साथ भी. स्वयंभू विश्वगुरु और उनके चेलों का समूह पूरी तरह से बेनकाब हो गया है.” अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने परमाणु शक्ति संपन्न भारत और पाकिस्तान के बीच ‘बहुत बड़े’ संघर्ष को सुलझाया था.
पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र के मंच से विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए, ट्रंप ने अपना यह दावा दोहराया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका था. भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष समाप्त करने पर सहमति दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी थी.
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को खुश करने के लिए गाजा प्रस्ताव का समर्थन किया : कांग्रेस
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित गाजा शांति प्रस्ताव को लेकर बुधवार को सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि ट्रंप को खुश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका समर्थन किया, लेकिन गाजा में नरसंहार पर वह चुप रहे जो “नैतिक कायरता” है.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “अपने अच्छे मित्र राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करने और अपने दूसरे अच्छे मित्र बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एकजुटता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप की गाजा के लिए घोषित नयी 20 सूत्री योजना का स्वागत किया है. लेकिन इस योजना पर बुनियादी और चिंताजनक सवाल अब भी बने हुए हैं.” उन्होंने सवाल किया, ” प्रस्तावित प्रशासनिक ढांचे में गाजा के लोग स्वयं कहाँ हैं? एक पूर्ण रूप से मान्यता प्राप्त फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के लिए रोडमैप (रूपरेखा) कहां है?” रमेश ने कहा कि अमेरिका और इजराइल कब तक फ.लस्तीनी राष्ट्र के दर्जे की अनदेखी करते रहेंगे, जिसे संयुक्त राष्ट्र के 157 सदस्य देशों ने पहले ही मान्यता दे दी है-और जिसकी पहल भारत ने नवंबर 1988 में की थी? उन्होंने यह सवाल भी किया कि पिछले बीस महीनों में गाजा में हुए नरसंहार के लिए जवाबदेही कहां है? कांग्रेस नेता ने दावा किया, “प्रधानमंत्री ने उन भयावह अत्याचारों पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है, जिनमें गाजा के हजारों निर्दोष नागरिकों की जान गई है. यह अत्यंत घोर नैतिक कायरता है और उस हर मूल्य और आदर्श के साथ विश्वासघात है, जिसके लिए भारत खड़ा रहा है.”
कांग्रेस ने सरदार पटेल के पत्र का हवाला देकर आरएसएस पर निशाना साधा
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सराहना किए जाने के बाद बुधवार को सरदार वल्लभभाई पटेल के एक पत्र का हवाला देते हुए आरएसएस पर निशाना साधा. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने महात्मा गांधी की हत्या के कुछ महीने बाद 18 जुलाई , 1948 को देश के तत्कालीन गृह मंत्री पटेल द्वारा श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे गए उस पत्र का हवाला दिया में जिसमें कहा गया था कि ” आरएसएस की गतिविधियां सरकार एवं राष्ट्र के लिए खतरा हैं. ” दरअसल , आरएसएस ने कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि महात्मा गांधी की हत्या से उसका कोई संबंध नहीं था.
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर काम करता है, लेकिन इसकी विभिन्न शाखाओं के बीच कभी अंर्तिवरोध नहीं होता क्योंकि ये सभी ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत पर काम करते हैं. आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक डाक टिकट जारी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक राष्ट्र की सेवा और समाज को सशक्त बनाने के लिए अथक प्रयास करते रहे हैं. जयराम रमेश ने सरदार पटेल के पत्रों से संबंधित पुस्तक का एक अंश ‘एक्स’ पर साझा करते कहा, ” प्रधानमंत्री ने आज सुबह आरएसएस के बारे में बहुत कुछ बोला है. क्या उन्हें इस बात की भी जानकारी है कि सरदार पटेल ने 18 जुलाई 1948 को डॉ . श्यामा प्रसाद मुखर्जी को क्या लिखा था ?”

