इस्लामाबाद. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रविवार को भारत को पाकिस्तान के साथ भविष्य में किसी भी सैन्य संघर्ष के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी शत्रुता की स्थिति में मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. आसिफ की यह प्रतिक्रिया भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा पाकिस्तान को किसी भी दुस्साहस के खिलाफ चेतावनी दिए जाने के कुछ दिनों बाद आई है.
एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय हमलों में एफ-16 जेट सहित कम से कम एक दर्जन पाकिस्तानी सैन्य विमान नष्ट हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए. भारत यह कहता रहा है कि मई में भारतीय सेना द्वारा विभिन्न पाकिस्तानी सैन्य ढांचों पर बमबारी के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष समाप्त करने की गुहार लगाई थी. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ने नयी दिल्ली के शीर्ष सुरक्षा प्रतिष्ठान के ”भड़काऊ बयानों” को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की.
आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ”भारतीय सेना और राजनीतिक नेतृत्व के बयान उनकी धूमिल प्रतिष्ठा को बहाल करने का एक असफल प्रयास हैं. 0-6 के स्कोर वाली इतनी निर्णायक हार के बाद, अगर वे फिर से कोशिश करेंगे, तो ईश्वर की इच्छा से स्कोर पहले से कहीं बेहतर होगा.” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि 0-6 के स्कोर से उनका क्या आशय था.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मलेशिया की यात्रा करेंगे
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्विपक्षीय रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए रविवार को मलेशिया की यात्रा पर जाएंगे. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने यह जानकारी दी. विदेश कार्यालय (एफओ) द्वारा शनिवार को जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार, शरीफ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल के साथ मलेशिया जाएंगे जिसमें उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार, अन्य मंत्री और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद होंगे.
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शरीफ को पांच से सात अक्टूबर तक आधिकारिक यात्रा पर आमंत्रित किया है. एफओ ने कहा, “यह यात्रा पाकिस्तान और मलेशिया के बीच मजबूत और स्थायी रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है जो आपसी सम्मान, साझा हितों और विभिन्न क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग पर आधारित है.” इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री अपने मलेशियाई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर भी चर्चा करेंगे.
एफओ ने कहा कि दोनों नेता व्यापार, सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार, हलाल उद्योग, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने और लोगों के बीच आपसी संबंधों मजबूत करने के अवसरों का पता लगाने के लिए व्यापार में द्विपक्षीय सहयोग पर भी विचार-विमर्श करेंगे. इसमें कहा गया है कि नेताओं के कई मौजूदा और नए क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौतों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने की संभावना है.

