ठाणे. एक धार्मिक संगठन के पदाधिकारी ने रविवार को कहा कि अनैतिक तरीकों से किया गया धर्म परिवर्तन भारत की सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा है. अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंदजी महाराज ने ठाणे में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की असली ताकत उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता में निहित है. उन्होंने कहा कि इस विविधता का आधार धार्मिक स्वतंत्रता है.
उन्होंने कहा कि इस स्वतंत्रता ने भारत को विश्व की सबसे प्राचीन और जीवंत सभ्यताओं में से एक बनाया, लेकिन अनैतिक धर्मांतरण के कारण यह खतरे में है. उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म का पालन और प्रचार करने का अधिकार देता है, लेकिन यह दबाव, लालच या छल के माध्यम से किसी पर धर्म थोपने की अनुमति नहीं देता है.

