रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में नया खुलासा हुआ है. EOW ने विशेष अदालत में 1,500 पन्नों का पूरक चलन पेश किया है, जिसमें कई खुलासे हुए हैं. आरोप पत्र में बताया गया है कि कोल लेवी से जुड़ा लेन-देन कांग्रेस ‘भवन’ में किया जाता था. जब्त हुए दस्तावेजों में भवन नाम से दर्ज एंट्री से कांग्रेस भवन रायपुर में अवैध लेन-देन की पुष्टि हुई है. वहीं पेश चालान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अकाउंटेंट आरोपी देवेन्द्र डड़सेना को कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का निजी सहायक बताया गया है. Eow का आरोप है कि देवेंद्र डडसेना और सूर्यकांत के रिश्तेदार नवनीत तिवारी कोल लेवी का पैसा वसूलते थे और नेताओं तक कमिशन पहुंचाते थे.

देवेन्द्र डड़सेना को अवैध कोल लेवी वसूली से प्राप्त बड़ी मात्रा में नगदी का रियल रिसीवर और मीडियेटर होने की बात भी सामने आई है. आरोपी देवेंद्र डड़सेना को घोटाले की पूरी श्रृंखला में एक अनिवार्य कड़ी मानी गई है. उनके द्वारा अवैध धनराशि को फिजिकली रिसीव कर रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर अन्य आरोपियों और नेताओं तक पहुंचने का खुलासा हुआ है.
आरोपी नवनीत तिवारी, सूर्यकांत तिवारी के निर्देश पर रायगढ़ में कोल व्यवसायियों एवं ट्रांसपोर्टरों को भयाकांत कर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करने का भी खुलासा हुआ है. आरोपी सूर्यकांत तिवारी द्वारा कोल स्कैम की अवैध आय से खरीदी गई सम्पत्तियों का बेनामीदार नवनीत तिवारी है. आरोपी नवनीत तिवारी के विरूद्ध डिजिटल, दस्तावेज, मौखिक साक्ष्य आदि से इस बात की पुष्टि हुई है.

