Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

जून में एफआईएच हॉकी नेशन कप में भाग लेगी भारतीय महिला हॉकी टीम

March 16, 2026

होर्मुज संकट से नाटो में दरार? मदद नहीं मिलने पर ट्रंप ने सहयोगी देशों को दे डाली चेतावनी

March 16, 2026

सर्राफा बाजार में गिरावट, चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता

March 16, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»International»भारतीय दल व्यापार वार्ता के लिए इस सप्ताह जाएगा अमेरिका
International

भारतीय दल व्यापार वार्ता के लिए इस सप्ताह जाएगा अमेरिका

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniOctober 13, 2025No Comments5 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
भारतीय दल व्यापार वार्ता के लिए इस सप्ताह जाएगा अमेरिका
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

नयी दिल्ली/न्यूयॉर्क. व्यापार वार्ता के लिए भारत के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल इस सप्ताह अमेरिका की यात्रा करेगा. एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने साथ ही बताया कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अमेरिका के साथ बातचीत अच्छी तरह आगे ब­ढ़ रही है.

इस वर्ष फरवरी में दोनों देशों के नेताओं ने अधिकारियों को प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत करने का निर्देश दिया था. इस समझौते के पहले चरण को 2025 की शरद ऋतु (अक्टूबर-नवंबर) तक पूरा करने की योजना है. अभी तक पांच दौर की वार्ता पूरी हुई है. अधिकारी ने कहा, ” भारतीय दल इस सप्ताह यात्रा करेगा.” वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में व्यापार वार्ता के लिए एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल पिछले महीने न्यूयॉर्क गया था.

भारत और अमेरिका ने उस बैठक के बाद पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर शीघ्र निष्कर्ष निकालने के लिए बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया. दोनों पक्षों ने व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर रचनात्मक बैठकें कीं. यह वार्ता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका ने रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क और 25 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाया है. भारतीय सामान पर वर्तमान में कुल 50 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया जा रहा है .

इस समझौते का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 191 अरब अमेरिकी डॉलर से ब­ढ़ाकर 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है. अमेरिका लगातार चौथे वर्ष 2024-25 में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहा और द्विपक्षीय व्यापार 131.84 अरब अमेरिकी डॉलर (86.5 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात) रहा. भारत के कुल वस्तु निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 प्रतिशत और देश के कुल वस्तु व्यापार में 10.73 प्रतिशत है .

चाबहार बंदरगाह पर प्रतिबंध हटाने के लिए भारत को अमेरिका से बात करनी चाहिए : मुत्तकी

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने सोमवार को कहा कि भारत को चाबहार बंदरगाह पर प्रतिबंध हटाने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत करनी चाहिए. मुत्तकी ने कहा कि वह रणनीतिक रूप से स्थित चाबहार बंदरगाह के अधिकतम इस्तेमाल के पक्ष में हैं और उन्होंने अमेरिका के साथ अपनी बैठकों में प्रतिबंध हटाने का मुद्दा भी उठाया है. तालिबान शासित अफगानिस्तान के विदेश मंत्री इस समय भारत के दौरे पर हैं.

उन्होंने व्यापार, चिकित्सा पर्यटन और लोगों के बीच आदान-प्रदान ब­ढ़ाने के लिए भारत द्वारा अधिक वीजा जारी किए जाने की भी वकालत की. मुत्तकी ने कहा, ”…आप (भारत) वीजा जारी करें, वीजा प्रक्रिया को आसान बनाएं, उड़ानों का संचालन बेहतर करें, कोई दिक्कत नहीं है, पासपोर्ट हैं, कोई दिक्कत नहीं है, जो नहीं है वो वीजा है, वीजा दीजिए.” भारत ईरान के दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित चाबहार बंदरगाह के विकास में एक प्रमुख भागीदार है. यह वर्तमान में बंदरगाह पर शाहिद बेहेश्टी र्टिमनल का संचालन कर रहा है.

सितंबर में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान में रणनीतिक रूप से स्थित चाबहार बंदरगाह के संबंध में 2018 के प्रतिबंधों की छूट को रद्द करने का फैसला किया था. उन्होंने कहा, ”चाबहार के बारे में हमारी भी ये कोशिश है कि उसका ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहिए. अमेरिका की तरफ से जो पाबंदियां हैं… दोनों मुल्क कोशिश करें, हम भी अमेरिका के साथ मुलाकात में यही बात उठाते हैं कि वहां पर जो पाबंदियां हैं उसको दूर करना चाहिए और हिंदुस्तान की तरफ से भी ये होना चाहिए.”

नोबेल नहीं मिलने के बाद ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान समेत आठ युद्ध रुकवाने का दावा किया

नोबेल शांति पुरस्कार से चूकने के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष समेत आठ युद्धों को सुलझाने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने यह नोबेल पुरस्कार के लिए नहीं किया. ट्रंप अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष समेत सात युद्धों को सुलझाने का दावा करते रहे हैं. हालांकि, अब उन्होंने  इजराइल-गाजा संघर्ष को जोड़कर यह संख्या आठ कर दी है. रविवार को अपने एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष को सुलझाने की योजना का भी संकेत दिया.

उन्होंने कहा, ”यह मेरा आठवां युद्ध होगा जिसे मैंने सुलझाया है, और मैंने सुना है कि अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध चल रहा है. मैंने कहा, मुझे वापस आने तक इंतजार करना होगा. मैं एक और युद्ध रोक रहा हूं. क्योंकि मैं युद्ध सुलझाने में माहिर हूं. मैं शांति स्थापित करने में माहिर हूं.” अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इनमें से ज्यादातर युद्ध ‘एक दिन के अंदर’ सुलझा लिए.

ट्रंप ने कहा, ”हमने लाखों लोगों की जान बचाई, भारत और पाकिस्तान के बारे में सोचिए, उन युद्धों के बारे में सोचिए जो सालों से चल रहे थे. एक युद्ध 31 साल तक चला, एक 32 सालों तक चला, एक 37 सालों तक चला, जिसमें हर देश में लाखों लोग मारे गए, और मैंने इनमें से ज्यादातर युद्धों को एक दिन के अंदर ही सुलझा दिया.” ट्रंप ने कहा कि नोबेल समिति द्वारा घोषित पुरस्कार 2024 के लिए था, जबकि उन्होंने इन युद्धों का समाधान 2025 में किया.

ट्रंप ने कहा, ”नोबेल समिति के प्रति पूरी ईमानदारी से कहूं तो यह 2024 के लिए था. इसे 2024 के लिए चुना गया था.” उन्होंने कहा, ”मैंने यह नोबेल पुरस्कार के लिए नहीं, बल्कि जिंदगियां बचाने के लिए किया.” गत 10 मई को, जब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वाशिंगटन की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान ‘पूर्ण और तत्काल’ युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, तब से उन्होंने कई बार यह दावा दोहराया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रुकवाने में मदद की है. भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष को रोकने पर सहमति दोनों सेनाओं के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी थी.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleअसम पुलिस ने जुबिन की मौत के मामले की जानकारी साझा करने के लिए प्रतिष्ठित हस्तियों को किया आमंत्रित
Next Article विधायकों के समर्थन और आलाकमान के आशीर्वाद के बिना कोई भी मुख्यमंत्री नहीं बन सकता: सिद्धरमैया
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

International

होर्मुज संकट से नाटो में दरार? मदद नहीं मिलने पर ट्रंप ने सहयोगी देशों को दे डाली चेतावनी

March 16, 2026
International

ट्रंप को तेल उद्योग की चेतावनी: होर्मुज जलडमरूमध्य संकट बना खतरा

March 16, 2026
International

US-दक्षिण कोरिया के अभ्यास के बीच उत्तर कोरिया ने दागी मिसाइल! क्या टकराव के संकेत?

March 14, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

जून में एफआईएच हॉकी नेशन कप में भाग लेगी भारतीय महिला हॉकी टीम

March 16, 2026

होर्मुज संकट से नाटो में दरार? मदद नहीं मिलने पर ट्रंप ने सहयोगी देशों को दे डाली चेतावनी

March 16, 2026

सर्राफा बाजार में गिरावट, चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता

March 16, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.