यरुशलम/शर्म अल शेख (मिस्र). अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इजराइली सांसदों से कहा कि उनके देश को युद्ध के मैदान में और कुछ हासिल नहीं करना है तथा हमास के खिलाफ दो साल के युद्ध तथा हिजबुल्ला और ईरान के साथ झड़पों के बाद पश्चिम एशिया में शांति के लिए काम करना होगा.
इजराइल और हमास के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम समझौता हालांकि अब भी नाजुक स्थिति में है, फिर भी ट्रंप क्षेत्रीय सद्भाव को कायम करने के अवसर का लाभ उठाने के लिए दृढ.संकल्पित हैं. उन्होंने इजराइली संसद नेसेट में घोषणा की, “अब से आने वाली पीढि.यां इसे उस क्षण के रूप में याद करेंगी जब सब कुछ बदलना शुरू हुआ.” इजराइली संसद में उनका एक नायक के रूप में स्वागत किया गया.
ट्रंप ने कहा, “इजराइल ने हमारी मदद से हथियारों के बल पर वह सब कुछ हासिल कर लिया है जो वह कर सकता था. आप जीत गए हैं. मेरा मतलब है, आप जीत गए हैं. अब समय आ गया है कि युद्ध के मैदान में आतंकवादियों के खिलाफ इस जीत को पूरे पश्चिम एशिया के लिए शांति और समृद्धि के अंतिम पुरस्कार में बदला जाए.” ट्रंप ने फलस्तीनियों से “आतंक और हिंसा के रास्ते को हमेशा के लिए त्यागने” का आग्रह करते हुए संघर्ष के दौरान तबाह हो चुके गाजा के पुर्निनर्माण में मदद का वादा किया.
“अत्यधिक पीड़ा, मृत्यु और कठिनाई के बाद, अब समय आ गया है कि इजराइल को तोड़ने की कोशिश करने के बजाय अपने लोगों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाए.” ट्रंप ईरान के प्रति भी नरमी भरा संकेत देते दिखे, जहां उन्होंने इस वर्ष के शुरू में इजराइल के साथ हुए संक्षिप्त युद्ध के दौरान तीन परमाणु स्थलों पर बमबारी की थी, तथा कहा है कि “मित्रता और सहयोग का हाथ हमेशा खुला है”.
अमेरिकी राष्ट्रपति दो दर्जन से अधिक देशों के साथ शिखर सम्मेलन के लिए मिस्र जाएंगे, हालांकि वह कई घंटे देरी से पहुंच रहे हैं क्योंकि नेसेट में भाषण अपेक्षा से अधिक लंबा चला.
गाजा युद्ध विराम समझौते के समर्थन के लिए मिस्र में जुट रहे वैश्विक नेता
अमेरिका और मिस्र के राष्ट्रपति युद्ध विराम समझौते के बाद गाजा में दो साल से अधिक समय से जारी इजराइल-हमास जंग खत्म करने को लेकर वैश्विक नेताओं के “शांति सम्मेलन” की अध्यक्षता कर रहे हैं. इजराइल और हमास के बीच कोई सीधा संपर्क नहीं है और सोमवार के सम्मेलन में उनके शामिल होने की संभावना नहीं है. इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक यहूदी अवकाश होने की वजह से सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे.
इजराइल ने गाजा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा सर्मिथत फलस्तीनी प्राधिकरण में किसी भी भूमिका को खारिज कर दिया है. फलस्तीनी प्राधिकरण के नेता महमूद अब्बास सम्मेलन से पहले सोमवार को शर्म अल शेख में रेड सी रिसॉर्ट पहुंचे. हमास की ओर से 20 शेष बंधकों और इजराइल की तरफ से सैंकड़ों फलस्तीनी कैदियों को रिहा किए जाने के बाद यह सम्मेलन हो रहा है. इसे शुक्रवार को युद्ध विराम समझौता लागू होने के बाद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सीसी के कार्यालय ने कहा कि सम्मेलन का मकसद गाजा में युद्ध खत्म कराना और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख के अनुरूप “शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के एक नये अध्याय की शुरुआत” करना है. कतर में अमेरिका, अरब देशों और तुर्की के दबाव के बाद हमास और इजराइल युद्ध विराम के पहले चरण को लागू करने के लिए सहमत हुए थे.
हमास का मुख्य समर्थक ईरान मिस्र में होने वाले शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहा है. ईरानी अधिकारियों ने युद्धविराम समझौते को हमास की जीत बताया. सम्मेलन में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हम्माद अल सानी हिस्सा ले रहे हैं. इसके अलावा जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला भी शामिल हो सकते हैं. इजराइल के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समर्थकों में से एक जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस, यूरोपीय यूनियन के प्रमुख एंतोनियो कोस्टा और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सहित अन्य नेता सम्मेलन में शिरकत करेंगे.

