अमरावती. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे की दक्षिणी राज्य में सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसरों में आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को ”प्रचार का हथकंडा” बताकर खारिज कर दिया.
फडणवीस ने अमरावती में पत्रकारों से बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस के मंत्री प्रियंक खरगे के पास कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने का कोई आधार नहीं है.
भाजपा नेता फडणवीस ने कहा, ”प्रियंक खरगे सिर्फ प्रचार के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं. उनका अपना कोई आधार नहीं है, उनकी राजनीति उनके पिता (कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे) पर निर्भर है.” फडणवीस कर्नाटक के इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री खरगे द्वारा सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसरों में आरएसएस की गतिविधियों पर राज्यव्यापी प्रतिबंध लगाने की मांग से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे. खरगे ने दावा किया था कि ऐसी गतिविधियां भारत की एकता और संविधान का उल्लंघन करती हैं.
फडणवीस ने कहा कि नागपुर स्थित आरएसएस राष्ट्रवादी सोच से प्रेरित एक देशभक्त संगठन है. उन्होंने कहा, ”मैं उन्हें (प्रियंक खरगे) याद दिलाना चाहता हूं कि पहले भी आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की गई थी और उस पर (तीन बार) प्रतिबंध लगाया भी गया था. (तत्कालीन प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी ने भी (1975 में) आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन उन्हें (आपातकाल के बाद 1977 के चुनाव में) सत्ता गंवानी पड़ी थी. आरएसएस एक ‘सांस्कृतिक शक्ति’ और राष्ट्रवादी सोच से प्रेरित एक देशभक्त संगठन है. हम इस तरह के प्रचार हथकंडों पर ध्यान नहीं देते.”
खरगे ने यह मांग चार अक्टूबर को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को लिखे एक पत्र में की है. उन्होंने लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि आरएसएस सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर भी अपनी शाखाएं चला रहा है, जहां ”नारे लगाए जाते हैं और बच्चों और युवाओं के मन में नकारात्मक विचार भरे जाते हैं.” फडणवीस आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुलाई गई भाजपा की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती में थे.
मुख्यमंत्री ने बताया कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का नेतृत्व कर रही भाजपा, मुंबई और नागपुर नगर निगमों सहित ग्रामीण और शहरी नगर निकायों के लंबे समय से लंबित चुनावों की अपनी तैयारियों की क्षेत्रवार समीक्षा कर रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने मराठवाडा, उत्तर महाराष्ट्र, पश्चिमी महाराष्ट्र, कोंकण और अमरावती संभागों में समीक्षा बैठकें पूरी कर ली हैं. उन्होंने बताया कि नागपुर के लिए यह प्रक्रिया सोमवार शाम तक पूरी हो जाएगी और फिर बृहन्मुंबई महानगर पालिका की तैयारियों का आकलन किया जाएगा और यह प्रक्रिया अगले सप्ताह तक पूरी हो जाएगी. एक प्रश्न के उत्तर में, फडणवीस ने विश्वास जताया कि भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) वाली महायुति स्थानीय निकाय चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेगी.

