गुवाहाटी. भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों तन्वी शर्मा, उन्नति हुड्डा और रक्षिता श्री रामराज ने बुधवार को यहां बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर चैंपियनशिप के प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. शीर्ष वरीयता प्राप्त तन्वी ने इंडोनेशिया की ओई विनार्तो को 15-12, 15-7 से हराया जबकि आठवीं वरीयता प्राप्त उन्नति ने अमेरिका की एलिस वैंग को 15-8, 15-5 से शिकस्त दी. दसवीं वरीयता प्राप्त रक्षिता ने पहला गेम गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए सिंगापुर की आलिया जकारिया को 11-15, 15-5, 15-8 से हराया.
तन्वी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए चीन की ली युआन सुन से भिड़ेंगी. ली ने तीसरे दौर में नौवीं वरीयता प्राप्त लियाओ जुई-ची को 15-12, 15-12 से हराया. रक्षिता श्रीलंका की चौथी वरीयता प्राप्त रानीथमा लियानागे के खिलाफ खेलेंगी जिन्होंने मलेशिया की लेर क्यू इंग को 15-9, 15-12 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. लड़कियों ने पदक की ओर कदम बढ़ाए हैं जबकि लड़कों के एकल वर्ग में भारत की उम्मीदें केवल ज्ञान दत्तू टीटी पर टिकी हैं जिन्होंने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में 15वीं वरीयता प्राप्त हमवतन सूर्याक्ष रावत को 11-15, 15-6, 15-11 से हराया. रौनक को हालांकि चीन के ली जी हैंग को कड़ी टक्कर देने के बावजूद 11-15, 12-15 से हार का सामना करना पड़ा.
मिश्रित युगल में भव्य छाबड़ा और विशाखा टोप्पो की जोड़ी भी अगले दौर में पहुंच गई. लड़कियों के युगल वर्ग में आन्या बिष्ट और एंजेल पुणेरा तथा वेन्नाला के और रेशिका यू ने जीत दर्ज की जबकि भार्गव राम अरिगेला और विश्व तेज गोबुरु की लड़कियों की युगल जोड़ी भी अगले दौर में प्रवेश कर गई. छाबड़ा और विशाखा की 14वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने आस्के रोमर और जैस्मीन विलिस की डेनमार्क की जोड़ी को 15-13, 15-11 से हराया.
आन्या और एंजेल की 16वीं वरीय जोड़ी ने हुइ सिन हुआंग और पेइ चुन सेइ की चीनी ताइपे की जोड़ी को 16-14, 12-15, 15-5 से शिकस्त दी जबकि वेन्नाला और रेशिका ने सयाका इनोमोटो और मिकु याशिमा की जापान की जोड़ी को 15-8, 15-10 से हराया.
भार्गव और विश्व की छठी वरीय जोड़ी ने शुंकी हेगीवारा और माहिरो मात्सुमोतो की जापान की जोड़ी के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद 42 मिनट में 11-15, 15-10, 15-10 से जीत दर्ज की. भारत ने टूर्नामेंट में 25 सदस्यीय टीम उतारी है. लड़कियों के एकल वर्ग में खिलाड़ी प्रतियोगिता के इतिहास में अब तक जीते गए 11 व्यक्तिगत पदकों में इजाफा करने की प्रबल दावेदार हैं.

