सियोल/ग्योंगजू/तोक्यो. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर जारी बातचीत के बीच बुधवार को कहा, ” अमेरिका, भारत के साथ व्यापार समझौता कर रहा है.” दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में आयोजित एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सीईओ शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान एवं स्नेह है.
ट्रंप ने कहा, ” यदि आप भारत और पाकिस्तान की बात करें… तो मैं भारत के साथ व्यापार समझौता कर रहा हूं और जैसा कि आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए मेरे मन में बेहद सम्मान एवं स्नेह है, हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं.” इसके बाद व्यापार समझौते के विषय पर अधिक विस्तार से बात किए बिना ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच मई की शुरुआत में हुए विवाद को सुलझाने का दावा किया.
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद दोनों देशों के तनाव कायम हैं. इस 50 प्रतिशत शुल्क में रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल है. भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को ” अनुचित एवं अविवेकपूर्ण” करार दिया है. ऐसा माना जा रहा है कि विदेश मंत्री जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कुआलालंपुर में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के वार्षिक शिखर सम्मेलन से इतर अपनी बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर सोमवार को व्यापक चर्चा की.
इस बात का हालांकि कोई संकेत नहीं मिला कि अमेरिकी पक्ष ने भारत को रूस के साथ ऊर्जा संबंधों के लिए लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने का आश्वासन दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले कुछ सप्ताह में कई बार दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनसे कहा है कि भारत, रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद कर देगा. ट्रंप के पहले दावे के बाद, भारत ने कहा था कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है. विदेश मंत्रालय ने 16 अक्टूबर को कहा कि ऊर्जा स्रोतों को व्यापक एवं विविध बनाया जा रहा है जिसमें अमेरिका से खरीद का विस्तार भी शामिल है.
इसमें कहा गया कि भारत की ऊर्जा खरीद पूरी तरह से अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के उद्देश्य से निर्देशित होती है. भारत की ऊर्जा नीति के दो लक्ष्य स्थिर ऊर्जा मूल्य एवं सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना हैं. इससे पहले एक अधिकारी ने बताया था कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता होने की कगार पर है.
अधिकारी ने पिछले सप्ताह कहा था, ” जहां तक सौदे का सवाल है, हम इसके काफी करीब हैं.” वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले सप्ताह ‘र्बिलन ग्लोबल डायलॉग’ में कहा था कि भारत कोई भी समझौता जल्दबाजी में या ”किसी तरह के दबाव” में नहीं करेगा. अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है.
यह बहुत बुरा है कि वह तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि यह ”बहुत बुरा” है कि उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिलेगी. उन्होंने संवैधानिक वास्तविकता को स्वीकार करते हुए सेवा जारी रखने में रुचि व्यक्त की.
जापान से दक्षिण कोरिया जाने के क्रम में एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा, ”अगर आप इसे पढ़ेंगे, तो यह बिल्कुल साफ़ है. मुझे चुनाव लड़ने (तीसरे कार्यकाल के लिए) की अनुमति नहीं है. यह बहुत बुरा है.” तीसरे कार्यकाल की चाहत रखने वाले राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने कहा कि ट्रंप के लिए व्हाइट हाउस में बने रहना असंभव होगा.
जॉनसन ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, ”मुझे इसकी संभावना (ट्रंप के तीसरे कार्यकाल के लिए) नजर नहीं आती.” रिपब्लिकन पार्टी के नेता जॉनसन को ट्रंप का करीबी माना जाता है. जॉनसन ने कहा कि उन्होंने (जॉनसन और ट्रंप ने) इस मुद्दे पर चर्चा की है लेकिन तीसरा कार्यकाल संविधान सम्मत नहीं है.
सरकारी कामकाज ठप होने के 28वें दिन मंगलवार को संसद भवन में अपनी दैनिक प्रेस वार्ता में जॉनसन ने कहा, ”मुझे इसका कोई रास्ता नहीं दिख रहा है.” जॉनसन ने कहा कि उन्हें लगता है कि ट्रंप स्थिति को समझते हैं. उन्होंने बताया कि संविधान का 22वां संशोधन राष्ट्रपति के रूप में तीसरे कार्यकाल की अनुमति नहीं देता है और नए संशोधन के साथ इसे बदलना एक बोझिल, दशक भर चलने वाली प्रक्रिया होगी जिसमें राज्यों और कांग्रेस में वोट पाना होगा.
उन्होंने कहा, ”लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि हम अपनी गति नहीं रोकेंगे, हम अमेरिकी लोगों के लिए काम करेंगे और हमारे पास अगले चार साल हैं.” ट्रंप ने सोमवार को जापान यात्रा के दौरान ‘एयर फ़ोर्स वन’ विमान में पत्रकारों से कहा था कि वह फिर से चुनाव लड़ना चाहेंगे. उन्होंने कहा, ”मैं ऐसा करना चाहूंगा.” ट्रंप ने हालांकि कहा कि उनकी रिपब्लिकन पार्टी के पास अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के रूप में बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं.
ट्रंप ने मोदी को ‘बहुत सख्त’ व्यक्ति बताया; फिर से भारत-पाक संघर्ष रोकने का दावा किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें ”बहुत ही उम्दा”, ”प्रभावशाली” और ”बेहद सख्त” व्यक्ति बताया. वहीं दूसरी ओर भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर एक बार फिर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच हाल में हुई सैन्य झड़प रुकवाई थी. इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि सात से 10 मई के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ”सात बिल्कुल नए” विमान मार गिराए गए थे.
ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के सीईओ शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी बहुत ही उम्दा व्यक्ति हैं…वह ऐसे व्यक्ति हैं जिनमें आप अपने पिता की छवि देखते हैं…वह बहुत प्रभावी हैं…वह बहुत सख्त हैं.” ट्रंप जापान से बुधवार सुबह दक्षिण कोरिया पहुंचे जो एशिया के तीन देशों की उनकी यात्रा का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि उनके प्रधानमंत्री मोदी के साथ ”बेहतरीन संबंध” हैं और यह दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने के लिए व्यापार का सहारा लिया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”मैंने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया. मैंने कहा कि हम आपके साथ व्यापार समझौता नहीं कर सकतेङ्घ. उन्होंने (मोदी ने) कहा, नहीं…नहीं, हमें व्यापार करना चाहिएङ्घ. मैंने कहा कि नहीं, हम नहीं कर सकते आप पाकिस्तान से युद्ध लड़ने जा रहे हैं. तो हम फिर व्यापार नहीं करेंगे.” ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की भी तारीफ की और उन्हें ”बेहतरीन योद्धा” और ”अच्छा इंसान” बताया.
उन्होंने कहा, ”फिर मैंने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल को फोन किया. मैंने कहा कि हम आपके साथ व्यापार नहीं करेंगे क्योंकि आप भारत से लड़ रहे हैं और आप जानते हैं कि आप दोनों परमाणु राष्ट्र हैं. उन्होंने (मुनीर ने) कहा कि नहीं…नहीं, आप हमें लड़ने दीजिए. दोनों (मोदी और मुनीर) ने यही कहा.” ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के नेताओं ने उन्हें दो दिन बाद फोन कर संघर्ष रोकने की बात कही.
उन्होंने कहा, ”महज दो दिन बाद उन्होंने फोन किया और कहा कि हम समझ गए हैं तथा उन्होंने लड़ाई रोक दी. क्या यह अद्भुत नहीं है? अब आप सोचिए कि क्या (पूर्व राष्ट्रपति) जो बाइडन ऐसा कर पाते?” हालांकि, इन टिप्पणियों से कुछ घंटे पहले तोक्यो में ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने सिर्फ 24 घंटे में युद्ध रुकवा दिया था. ट्रंप अक्सर अपने बयानों में विरोधाभास के लिए जाने जाते हैं.
तोक्यो में मंगलवार को कारोबारियों के साथ रात्रिभोज के दौरान ट्रंप ने कहा, ”सात विमान गिरा दिए गए थे, सात ब्रांड न्यू, खूबसूरत विमान और वे दो बड़ी परमाणु शक्तियां आपस में भिड़ रही थीं.” गौरतलब है कि 10 मई को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि भारत और पाकिस्तान ने ”पूर्ण और तत्काल” संघर्षविराम पर सहमति जताई है.
उन्होंने दावा किया था कि यह वाशिंगटन की मध्यस्थता में ”देर रात तक” चली वार्ता के बाद संभव हुआ. तब से ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को ”सुलझाने में मदद की.” भारत ने लगातार यह स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम पर समझौता दोनों देशों की सेनाओं के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधी बातचीत के जरिए हुआ था.
भारत ने सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे.
भारत और पाकिस्तान चार दिन तक चले ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद 10 मई को संघर्ष समाप्त करने पर राजी हुए.

