Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

छत्तीसगढ़ में पहले थानेदार और अब 136 एसआई, सिपाहियों के तबादले

May 5, 2026

सुशासन तिहार : CM साय ने PM जनमन हितग्राही को सौंपी खुशियों की चाबी

May 5, 2026

ऑटो सेक्टर में धमाकेदार शुरुआत! अप्रैल में रिकॉर्ड बिक्री ने दिखाया जबरदस्त उछाल – |

May 5, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Business»हवाई किराए में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव रोकने संबंधी याचिका पर न्यायालय ने केंद्र से जवाब मांगा
Business

हवाई किराए में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव रोकने संबंधी याचिका पर न्यायालय ने केंद्र से जवाब मांगा

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniNovember 17, 2025No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
हवाई किराए में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव रोकने संबंधी याचिका पर न्यायालय ने केंद्र से जवाब मांगा
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र और अन्य से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें भारत में निजी विमानन कंपनियों द्वारा लागू हवाई किराए और अन्य शुल्कों में ‘अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव’ को नियंत्रित करने के लिए बाध्यकारी नियामक दिशानिर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है.

शीर्ष अदालत सामाजिक कार्यकर्ता एस लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई, जिन्होंने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में पारर्दिशता और यात्री सुरक्षा के लिए एक मजबूत, स्वतंत्र नियामक स्थापित करने की मांग की है. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण को नोटिस जारी कर याचिका पर उनका जवाब मांगा और मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की.

इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र श्रीवास्तव और अधिवक्ता चारु माथुर तथा अभिनव वर्मा उपस्थित हुए.
याचिका में दावा किया गया है कि सभी निजी एयरलाइन ने बिना किसी ठोस कारण के, इकोनॉमी क्लास के यात्रियों के लिए मुफ्त ‘चेक-इन बैगेज’ भत्ते को 25 किलोग्राम से घटाकर 15 किलोग्राम कर दिया है, ”जिससे पहले टिकट सेवा का हिस्सा रहे सामान को राजस्व के एक नए स्रोत में बदल दिया गया है”.

याचिका में कहा गया है कि ”चेक-इन के लिए केवल एक ही सामान ले जाने की अनुमति देने की नई नीति और ‘चेक-इन बैगेज’ का लाभ न उठाने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की छूट, मुआवज़ा या लाभ न देना, इस उपाय की मनमानी और भेदभावपूर्ण प्रकृति को दर्शाता है.” याचिका में दावा किया गया है कि वर्तमान में, किसी भी प्राधिकरण के पास हवाई किराए या सहायक शुल्कों की समीक्षा करने या उन्हें सीमित करने का अधिकार नहीं है, जिससे एयरलाइन छिपे हुए शुल्कों और अप्रत्याशित मूल्य निर्धारण के माध्यम से उपभोक्ताओं का शोषण कर रही हैं.

याचिका में कहा गया है कि ”एयरलाइन का अनियमित, अपारदर्शी और शोषक आचरण, जो मनमाने ढंग से किराया वृद्धि, सेवाओं में एकतरफा कमी, जमीनी स्तर पर शिकायत निवारण का अभाव और अनुचित गतिशील मूल्य निर्धारण एल्गोरिदम के रूप में प्रकट होता है, नागरिकों की समानता, आवागमन की स्वतंत्रता और सम्मानपूर्वक जीवन जीने के मौलिक अधिकारों का सीधे तौर पर उल्लंघन करता है.” इसमें यह भी कहा गया है कि नियामक सुरक्षा उपायों के अभाव के परिणामस्वरूप, विशेष रूप से त्योहारों या मौसम की गड़बड़ी के दौरान, मनमाने ढंग से किराया वृद्धि होती है, जिससे गरीब और अंतिम समय में यात्रा करने वाले यात्रियों को अत्यधिक नुकसान होता है.

याचिका में कहा गया है कि कुछ धनी लोग पहले से योजना बनाकर बुकिंग कर सकते हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को ‘सर्ज प्राइसिंग’ के चरम पर होने के बीच टिकट खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है. इसमें कहा गया है, ”पहुंच और अवसर में यह असमानता अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 के मूल पर प्रहार करती है.” संविधान का अनुच्छेद 14 जहां कानून के समक्ष समानता से संबंधित है, वहीं अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा से संबंधित है.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleप्राकृतिक आपदा से हुई मौतें: उत्तर बस्तर कांकेर में चार मामलों पर मुआवजा स्वीकृत
Next Article मुख्यमंत्री साय बोले – पंडुम कैफे का शुभारंभ बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरक प्रतीक
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Business

ऑटो सेक्टर में धमाकेदार शुरुआत! अप्रैल में रिकॉर्ड बिक्री ने दिखाया जबरदस्त उछाल – |

May 5, 2026
Business

रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया: महंगे तेल और वैश्विक तनाव ने बढ़ाई चिंता – |

May 4, 2026
Business

महंगाई और सप्लाई संकट में भी Unilever को दिखा मौका—भारत बना ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन – |

May 3, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202549 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202548 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202544 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202549 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202548 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202544 Views
Our Picks

छत्तीसगढ़ में पहले थानेदार और अब 136 एसआई, सिपाहियों के तबादले

May 5, 2026

सुशासन तिहार : CM साय ने PM जनमन हितग्राही को सौंपी खुशियों की चाबी

May 5, 2026

ऑटो सेक्टर में धमाकेदार शुरुआत! अप्रैल में रिकॉर्ड बिक्री ने दिखाया जबरदस्त उछाल – |

May 5, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.