गुवाहाटी:गुवाहाटी में शनिवार को जब बारसापारा स्टेडियम ने अपने पहले टेस्ट मैच की मेजबानी की, तब भारतीय टीम नई उम्मीदों के साथ मैदान में उतरी। शुभमन गिल की चोट के चलते ऋषभ पंत ने कप्तानी संभाली और वह भारत के 38वें टेस्ट कप्तान बन गए। इसके साथ ही वह एमएस धोनी के बाद भारत के केवल दूसरे विकेटकीपर-कप्तान बने। धोनी ने 2008 से 2014 तक 60 टेस्ट में भारतीय टीम की कप्तानी की।
हालांकि, कप्तान बदलने के बाद भी किस्मत भारतीय टीम के साथ नहीं रही। पंत ने टॉस के लिए सिक्का उछाला, दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेंबा बावुमा ने ‘हेड्स’ कहा और कॉल सही बैठा। इसी के साथ भारत ने पिछले नौ टेस्ट में से आठवीं बार टॉस गंवाया।
टॉस की कहानी और पिच का हाल
दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतते ही बल्लेबाजी चुनी, क्योंकि गुवाहाटी की लाल मिट्टी वाली पिच पहले दो दिनों तक बल्लेबाजी के लिए मददगार मानी जा रही है। पिच बाद में स्पिनर्स को मदद दे सकती है, लेकिन शुरुआती सत्र बल्लेबाजी के लिए अनुकूल बताया जा रहा है। पंत ने टॉस हारने के बाद शांत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘विकेट बल्लेबाजr के लिए अच्छा लग रहा है, लेकिन पहले गेंदबाजी करना भी बुरा विकल्प नहीं है।’
टॉस हार का लंबा सिलसिला
टॉस की बदकिस्मती नियमित कप्तान शुभमन गिल के समय से चली आ रही है। गिल इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज में एक भी टॉस नहीं जीत सके थे। हालांकि, भारत वह सीरीज 2–2 से बराबर करने में कामयाब रहा था। गिल ने अक्तूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में टॉस जरूर जीता था, लेकिन मौजूदा सीरीज के पहले टेस्ट में कोलकाता में फिर टॉस हार गए और भारत को उस मुश्किल पिच पर इसका खामियाजा भुगतना पड़ा, जहां चौथी पारी में भारत 124 रन तक नहीं पहुंच सका।

