मुंबई. प्रमुख बैंकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बिकवाली के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी से स्थानीय शेयर बाजार मंगलवार को लगातार तीसरे दिन नुकसान में रहे. सेंसेक्स में करीब 504 अंक जबकि निफ्टी में 144 अंक की गिरावट रही.
विश्लेषकों ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन के खराब आंकड़ों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर जाने से भी निवेशक धारणा प्रभावित हुई.
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 503.63 अंक यानी 0.59 प्रतिशत टूटकर 85,138.27 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 588.9 अंक गिरकर 85,053 के स्तर तक आ गया था. यह लगातार तीसरा सत्र है जब सेंसेक्स में गिरावट दर्ज हुई. सोमवार को यह कारोबार के दौरान 86,159.02 अंक के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद गिरकर बंद हुआ था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 143.55 अंक यानी 0.55 प्रतिशत फिसलकर 26,032.20 अंक पर बंद हुआ.
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और लार्सन एंड टूब्रो में सर्वाधिक गिरावट रही. इसके विपरीत, एशियन पेंट्स, मारुति सुज.ुकी, भारती एयरटेल और बजाज फाइनेंस के शेयर बढ.त के साथ बंद हुए. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,171.31 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,558.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की खरीदारी की.
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, “एफआईआई की बिकवाली ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है. पिछले तीन सत्रों में एफआईआई ने करीब 6,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं. बाजार के ऊंचे मूल्यांकन और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा में देरी से निवेशकों के बीच घबराहट देखी जा रही है. डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से भी परेशानी बढ. रही है.” रुपये ने कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90 रुपये का मनोवैज्ञानिक स्तर भी पहली बार छू लिया. अंत में रुपया 89.99 प्रति डॉलर के अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ.
छोटी कंपनियों का सूचकांक बीएसई स्मालकैप 0.49 प्रतिशत गिर गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 0.14 प्रतिशत की गिरावट रही. बीएसई पर सूचीबद्ध 2,563 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए जबकि 1,586 शेयरों में तेजी रही और 167 अन्य अपरिर्वितत रहे.
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, “औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों में बड़ी गिरावट, रुपये में कमजोरी और अमेरिका एवं भारत में नीतिगत दरों पर आने वाले फैसले को देखते हुए बाजार नुकसान में रहा.” एशिया के अन्य बाजारों में मिले-जुले रुझान रहे. चीन का शंघाई कम्पोजिट गिरावट में रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक लाभ में रहे.
यूरोपीय बाजार सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहे थे. अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे. वैश्विक कच्चे तेल का मानक ब्रेंट क्रूड 0.33 प्रतिशत गिरकर 62.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. सोमवार को सेंसेक्स 64.77 अंक टूटकर 85,641.90 अंक पर बंद हुआ था. कारोबार के दौरान यह 86,159.02 अंक के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक गया था. निफ्टी भी 26,325.80 के उच्चतम स्तर को छूने के बाद 26,175.75 पर रहा था.

