Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

सर्राफा बाजार में गिरावट, चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता

March 16, 2026

घरेलू शेयर बाजार में सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में उठापटक जारी

March 16, 2026

ट्रंप को तेल उद्योग की चेतावनी: होर्मुज जलडमरूमध्य संकट बना खतरा

March 16, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Chhattisgarh»कैग ने छत्तीसगढ़ में योजनाओं में गंभीर खामियों तथा वित्तीय अनियमितताओं को किया उजागर
Chhattisgarh

कैग ने छत्तीसगढ़ में योजनाओं में गंभीर खामियों तथा वित्तीय अनियमितताओं को किया उजागर

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniDecember 17, 2025No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
कैग ने छत्तीसगढ़ में योजनाओं में गंभीर खामियों तथा वित्तीय अनियमितताओं को किया उजागर
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

रायपुर. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में आवास और कल्याण योजनाओं में गंभीर खामियां तथा वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया है. विधानसभा में बुधवार को राज्य के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने 31 मार्च 2023 को समाप्त वर्ष के लिए कैग से प्राप्त निष्पादन एवं अनुपालन लेखापरीक्षा (सिविल) पर प्रतिवेदन पटल पर रखा.

कैग ने छत्तीसगढ़ में प्रमुख आवास एवं श्रमिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर कमियों की ओर ध्यान दिलाया है.
कैग ने अपनी रिपोर्ट में अपात्र लाभार्थियों को लाभ, योजनागत धनराशि के लंबे समय तक अवरुद्ध रहने, कमजोर निगरानी तंत्र और टाली जा सकने वाली वित्तीय हानियों को रेखांकित किया है.

रिपोर्ट में सामान्य, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों से संबंधित विभागों के व्यय का आकलन किया गया है. इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के कार्यान्वयन पर निष्पादन, श्रम विभाग द्वारा संचालित कल्याण योजनाओं पर अनुपालन ऑडिट, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के माध्यम से सोलर पंप स्थापना पर एक विस्तृत ऑडिट तथा लोक निर्माण विभाग से संबंधित अनुपालन ऑडिट शामिल है.

रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, जिसे केंद्र सरकार ने जून 2015 में शुरू किया और जिसे आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा लागू किया जा रहा है, का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में झुग्गीवासियों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है.

इसके अनुसार, राज्य के चार शहरी स्थानीय निकायों – नगर पालिक बिलासपुर, रायपुर, कोरबा और नगर पंचायत, प्रेमनगर में ऐसे 71 हितग्राहियों का चयन किया गया जिनकी आय तीन लाख रूपए से अधिक थी और उन्हें हितग्राही आधारित व्यक्तिगत आवास का निर्माण/भागीदारी में किफायती आवास के तहत आवास/आवासीय इकाइयां आवंटित किए गए थे.

कैग रिपोर्ट के अनुसार, शहरी स्थानीय निकायों ने हितग्राहियों के नाम पर भूमि का स्वामित्व सुनिश्चित किए बिना हितग्राही आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण के तहत 250 हितग्राहियों को 4.05 करोड़ रूपए की सहायता का भुगतान किया. रिपोर्ट के अनुसार, ऑडिट में यह भी सामने आया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रबंधन सूचना तंत्र आपस में जुड़े न होने के कारण 99 लाभार्थियों ने दोनों योजनाओं का लाभ उठाया. इसके अतिरिक्त, 35 ऐसे लाभार्थी भी पाए गए जिन्होंने पहले एकीकृत आवास एवं झुग्गी विकास कार्यक्रम के तहत लाभ लेने के बावजूद योजना के अंतर्गत पुन? सहायता प्राप्त की.

रिपोर्ट के अनुसार, भागीदारी में किफायती आवास परियोजनाओं के तहत आवास इकाइयों के निर्माण में देरी के कारण 230.05 करोड़ रुपए की योजना निधि अवरुद्ध रही. झुग्गीवासियों से वसूली योग्य राशि में से नगरीय निकाय केवल 22.13 करोड़ रूपए ही वसूल सके, जबकि मार्च 2025 तक 17.23 करोड़ की राशि वसूल नहीं की जा सकी.

रिपोर्ट के अनुसार, हितग्राही आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण में कुल स्वीकृत 2.77 लाख आवासों में से 66,383 आवासों की कटौती/समर्पण किया गया था, और बकाया 2.11 लाख आवासों में से 1.84 लाख आवासों को अप्रैल 2025 तक पूर्ण किया गया था.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऋण आधारित सब्सिडी योजना के तहत हितग्राहियों द्वारा जमा किए गए कुल 2.49 लाख सब्सिडी दावों में से केवल 37,374 दावों को मंजूरी दी गई, जिसके लिए वर्ष 2016-17 से 2022-23 के दौरान सब्सिडी के रूप में 820.93 करोड़ रूपए की राशि जारी की गई. कैग ने 29 मामलों में दोहरी सब्सिडी प्राप्त करने की भी पुष्टि की है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर के बावजूद, 2016-17 से 2023-24 के बीच केवल 50 प्रतिशत मकान ही महिला लाभार्थियों के नाम पर स्वीकृत किए गए, जो योजना के उद्देश्यों से कम है. वहीं, निगरानी व्यवस्था में भी गंभीर खामियां पाई गईं, जिनमें गलत जियो-टैगिंग, अन्य लाभार्थियों के मकानों की तस्वीरों का उपयोग और सामाजिक ऑडिट में देरी शामिल है.
रिपोर्ट के अनुसार, श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं के अनुपालन ऑडिट में यह पाया गया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल को आवंटित 329.41 करोड़ रूपए में से 210.75 करोड़ रूपए (64 प्रतिशत) का व्यय किया गया, जबकि संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 44.86 करोड़ रूपए की उपलब्ध निधि में से केवल 21.27 करोड़ रूपए व्यय किया गया.

वहीं, भारत सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत 76.33 लाख श्रमिकों के मुकाबले राज्य पोर्टल पर केवल 22 प्रतिशत श्रमिक ही दर्ज पाए गए. रिपोर्ट के अनुसार, सोलर पंप स्थापना के ऑडिट में यह उजागर हुआ कि छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण ने सौर सुजला योजना के अंतर्गत योजना के दिशानिर्देशों के विपरीत ‘एसी सौर पंप’ के स्थान पर महंगे ‘डीसी सौर पंप’ की स्थापना की अनुमति दी, परिणामस्वरूप सौर पंप की स्थापना से संबंधित कार्यों पर अतिरिक्त लागत आई. वहीं, कुओं में जल की गहराई पर विचार किए बिना सतही पंपों के स्थान पर कुओं में महंगे सौर सबर्मिसबल पंप की स्थापना की गई, परिणामस्वरूप 9.70 करोड़ रूपए की अपरिहार्य अतिरिक्त लागत आई.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleपाकिस्तान नौसेना ने हैंगर श्रेणी की चौथी पनडुब्बी का चीन में जलावतरण किया
Next Article उस्मान डेम्बेले और ऐताना बोनमाटी को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Chhattisgarh

CG में ‘नक्शा घोटाला’ का महाविस्फोट: 60 फ्लैट की अनुमति, 90 फ्लैट का नक्शा पास;

March 15, 2026
Chhattisgarh

वैश्विक युद्ध और भू-राजनीतिक संकट से MSME उद्योगों पर असर

March 15, 2026
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़: होमगार्ड के जवानों को मिलेगा पुलिस कर्मियों के समान वेतन

March 15, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

सर्राफा बाजार में गिरावट, चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता

March 16, 2026

घरेलू शेयर बाजार में सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में उठापटक जारी

March 16, 2026

ट्रंप को तेल उद्योग की चेतावनी: होर्मुज जलडमरूमध्य संकट बना खतरा

March 16, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.