नयी दिल्ली. भारत और ओमान आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मस्कट में मुक्त व्यापार समझौते पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर करेंगे. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. इस समझौते पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो तीन देशों की चार दिवसीय यात्रा पर हैं. मोदी मंगलवार को जॉर्डन से इथियोपिया पहुंचे और अदीस अबाबा से ओमान के लिए रवाना होंगे.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मस्कट पहुंच चुके हैं. मुक्त व्यापार समझौते को आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) कहा जाता है. इस पर बातचीत औपचारिक रूप से नवंबर 2023 में शुरू हुई जो इस वर्ष संपन्न हो गई. इस प्रकार के समझौते में दो व्यापारिक साझेदार अपने बीच व्यापार की जाने वाली वस्तुओं की अधिकतम संख्या पर सीमा शुल्क को काफी हद तक कम कर देते हैं या समाप्त कर देते हैं. वे सेवाओं में व्यापार को बढ़ावा देने और निवेश आर्किषत करने के लिए नियमों में ढील भी देते हैं.
खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में ओमान भारत के लिए तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है. इस बीच, मस्कट में ओमान-भारत व्यापार मंच को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि दोनों देशों के दलों ने समझौते को अंतिम रूप देने के लिए काफी प्रयास किए हैं.
उन्होंने बताया कि ओमान करीब 20 वर्ष के अंतराल के बाद मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर रहा है. देश ने आखिरी बार जनवरी 2006 में अमेरिका के साथ इसी तरह का समझौता किया था.
गोयल ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा, ” मुक्त व्यापार समझौता आप सभी के लिए अपार अवसर लाता है.” उन्होंने कहा कि वस्त्र, जूते, मोटर वाहन व उसके कलपुर्जे, रत्न एवं आभूषण, कृषि रसायन तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं. मंत्री ने कहा कि ओमान अन्य जीसीसी देशों अफ्रीका एवं मध्य एशिया के लिए एक प्रवेश द्वार है.
उन्होंने कहा, ” हम चार्टर्ड अकाउंटेंट, अनुसंधान एवं विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे सेवा क्षेत्रों में सहयोग पर विचार कर सकते हैं.” गोयल ने कहा कि सहयोग के चार प्रमुख क्षेत्र ऊर्जा बदलाव, अवसंरचना विकास, खाद्य सुरक्षा और स्टार्टअप हैं. भारत का पहले से ही जीसीसी के एक अन्य सदस्य देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ इसी तरह का समझौता है जो मई 2022 में लागू हुआ था. जीसीसी के अन्य सदस्य बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब और कतर हैं. भारत और कतर भी जल्द ही व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू करेंगे.
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-ओमान का द्विपक्षीय व्यापार करीब 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर (निर्यात चार अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 6.54 अरब अमेरिकी डॉलर) था. भारत के प्रमुख आयात पेट्रोलियम उत्पाद और यूरिया हैं जिनकी कुल आयात में हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से अधिक है. अन्य प्रमुख उत्पादों में प्रोपलीन और एथिलीन पॉलिमर, पेट कोक, जिप्सम, रसायन, लोहा और इस्पात तथा अपरिष्कृत एल्युमीनियम शामिल हैं. ओमान को निर्यात की जाने वाली मुख्य भारतीय वस्तुओं में खनिज ईंधन, रसायन, बहुमूल्य धातुएं, लोहा व इस्पात, अनाज, जहाज, नावें, विद्युत मशीनरी, बॉयलर, चाय, कॉफी, मसाले, वस्त्र और खाद्य पदार्थ शामिल हैं.

