रायपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बाघ का शिकार करने के आरोप में वन विभाग ने एक महिला सरपंच समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत भैंसामुंडा गांव के जंगल में नर बाघ का शिकार करने के आरोप में वन विभाग के दल ने गांव की सरपंच सिस्का कुजूर, उनके पति दिनेश, ईश्वर कुजूर, अभिषेक रोशन बड़ा, मिथिलेश सिंह, रामनाथ सिंह और भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया है.
उन्होंने बताया कि चार आरोपी सिस्का कुजूर, दिनेश, ईश्वर कुजूर और अभिषेक रोशन बड़ा भैंसामुंडा गांव के निवासी हैं तथा मिथिलेश और रामनाथ कैलाशपुर गांव के निवासी हैं. उन्होंने बताया कि वहीं भोला जिले के र्बितकाला गांव का निवासी है. अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसंबर को जिले के घुई वन रेंज के तहत भैंसामुंडा में नर बाघ का शव बरामद किया गया था, जिसके कुछ अंग गायब थे. उन्होंने बताया कि बाघ के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की और जांच के लिए एक खोजी कुत्ते को भी लगाया गया.
अधिकारियों ने बताया, ”तलाशी के दौरान खोजी कुत्ता सिसका के घर पहुंचा. तब जांच अधिकारियों ने बुधवार को सिस्का के घर की तलाशी ली जहां से बाघ के दो नाखून, बालों का गुच्छा और मांस के टुकड़े तथा बिजली और जीआई तार भी बरामद किया गया.” उन्होंने बताया, ”अगले दिन, छह अन्य लोगों को पकड़ा गया. उनके पास से दांत, बालों के गुच्छे, नाखून, बिजली और जीआई तार, लकड़ी का खूंटा और रस्सी का फंदा बरामद किया गया.” अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने जंगली जानवर का शिकार करने के लिए बिजली का जाल बिछाया था, जिसकी चपेट में आकर बाघ की मृत्यु हुई थी. उन्होंने बताया कि आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 30 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

