नयी दिल्ली. अगर संसदीय परंपराओं का पालन किया गया, तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट रविवार के दिन पेश कर सकती हैं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. साल 2017 से बजट एक फरवरी को पेश किया जाता रहा है और अगले साल इस दिन रविवार है.
हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”ये फैसले संसदीय मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति उचित समय पर लेती है.” नरेन्द्र मोदी नीत राजग सरकार में बजट पेश करने के लिए एक फरवरी की तारीख तय की गई, ताकि एक अप्रैल को नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ बजट को लागू किया जा सके.
एक अधिकारी के अनुसार, ”आम बजट प्रस्तुत करने के लिए हमने तारीख तय कर रखी है. रविवार की अवधारणा तो अंग्रेजों द्वारा लाई गई है.” साल 2017 से पहले, आम बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश किया जाता था, और संसद नए वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के खर्चों को पूरा करने के लिए भारत की समेकित निधि से पैसे निकालने के लिए लेखानुदान पारित करती थी. बाकी वित्तीय वर्ष के लिए बजट को बाद में संसद द्वारा मंज़ूरी दी जाती थी, जब अलग-अलग विभागों की अनुदान मांगों की संबंधित संसदीय स्थायी समितियों द्वारा जांच कर ली जाती थी.
वर्ष 2017 में, तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी को आम बजट पेश करने और नए वित्तीय वर्ष शुरू होने से काफी पहले, मार्च के अंत तक इसे संसद से मंजूर करवाने की प्रथा शुरू की. संसद की बैठकें खास परिस्थितियों में रविवार को भी होने के उदाहरण हैं. 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान और 13 मई, 2012 को संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ मनाने के लिए रविवार के दिन बैठकें आयोजित की गईं.

