नयी दिल्ली. कांग्रेस ने रेल किराये में वृद्धि को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में रेल मंत्रालय की जवाबदेही खत्म हो गई है और सिर्फ नकली प्रचार किया जा रहा है. मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि ”उनके रहते रेलवे की हालत खराब हो गई है.” रेल मंत्रालय ने बीते रविवार को घोषणा की थी कि 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए साधारण श्रेणी के टिकट में प्रति किलोमीटर एक पैसा और मेल/एक्सप्रेस रेलगाडि़यों की गैर-वातानुकूलित श्रेणी व सभी ट्रेन की वातानुकूलित श्रेणियों में प्रति किलोमीटर दो पैसे की वृद्धि की जाएगी.
नयी दरें 26 दिसंबर 2025 से प्रभावी होंगी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मोदी सरकार आम जनता को लूटने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है. केंद्रीय बजट से कुछ दिन पहले, एक ही वर्ष में दूसरी बार रेलवे किराया बढ़ाया गया. अलग रेल बजट नहीं होने से जवाबदेही खत्म हो गई है.” उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे बीमार हालत में है, क्योंकि मोदी सरकार ठोस काम के बजाय नकली प्रचार में व्यस्त है.
खरगे ने कहा कि एनसीआरबी के 2014-23 तक के आंकड़ों के मुताबिक, रेलवे से संबंधित हादसों में 2.18 लाख लोगों की मौत हुई. रेलवे अब सुरक्षित नहीं है, यह जीवन के साथ एक जुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि रेलवे में 3.16 लाख रिक्तियां हैं, लेकिन युवाओं को संविदा पर नौकरी दिए जाने का सिलसिला बढ़ रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया, ”मोदी सरकार के तहत, रेलवे को उपेक्षा, उदासीनता और नकली प्रचार की दुखद स्थिति का सामना करना पड़ रहा है.” कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया, ”अश्विनी वैष्णव 2024 में तीसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद से दो बार रेल का किराया बढ़ा चुके हैं. वह इतने चतुर हैं कि यह बताते हैं हमने एक पैसा या दो पैसा प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया बढ़ाया है, लेकिन आम जनता के ऊपर 100-200 रुपये तक का भार पड़ता है.”
उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 साल में रेलवे का किराया 107 प्रतिशत तक बढ़ चुका है तथा मोदी सरकार ने लोगों का ट्रेन से चलना भी मुश्किल कर दिया है. कुमार ने मांग की, ”पूरे देश की रेल लाइन में सुरक्षा कवच की व्यवस्था की जाए. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इस्तीफा दें, क्योंकि उनके रहते रेलवे की हालत खराब हो गई है. रेलवे में बुजुर्गों को मिलने वाली छूट वापस लागू की जाए.”

