मुंबई. मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच क्रिसमस से एक दिन पहले बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में कारोबार का रुख सुस्त रहा. उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स 116 अंक और निफ्टी 35 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ. विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और विदेशी पूंजी की निकासी जारी रहने से भी निवेशक धारणा प्रभावित हुई.
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 116.14 अंक यानी 0.14 प्रतिशत गिरकर 85,408.70 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह 85,738.18 अंक के उच्च स्तर तक गया और 85,342.19 अंक के निचले स्तर तक आया. यह सेंसेक्स में गिरावट का लगातार दूसरा दिन है. एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 35.05 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,142.10 अंक पर बंद हुआ. मंगलवार को निफ्टी मामूली बढ़त के साथ लगभग स्थिर रहा था.
सेंसेक्स की कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर एवं टाटा स्टील के शेयरों में गिरावट रही. इसके विपरीत ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी और पावर ग्रिड के शेयर लाभ में रहे. रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ”स्थिर शुरुआत के बाद निफ्टी किसी ताजा संकेत के अभाव में अधिकांश कारोबारी सत्र में सीमित दायरे में रहा. वैश्विक संकेतों ने शुरुआती कारोबार में निवेशक धारणा को प्रभावित करना जारी रखा.” व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.37 प्रतिशत गिर गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप में 0.14 प्रतिशत की गिरावट रही.
क्षेत्रवार सूचकांकों के स्तर पर तेल एवं गैस खंड में 0.76 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि फोकस आईटी खंड में 0.68 प्रतिशत, सेवा खंड में 0.64 प्रतिशत और ऊर्जा खंड में 0.58 प्रतिशत की सुस्ती रही. बीएसई पर सूचीबद्ध 2,346 शेयरों में गिरावट रही जबकि 1,841 शेयरों में तेजी रही और 145 अन्य अपरिर्वितत रहे. क्रिसमस के अवसर पर बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजारों में कारोबार बंद रहेगा. एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुआ.
यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान मामूली तेजी देखी गई. अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”छुट्टियों के चलते कम कारोबारी सत्र वाले इस सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में बना रहा. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल में तरलता बढ़ाने के घोषित उपायों से प्रणालीगत नकदी में सुधार आने और मुद्रा में उतार-चढ़ाव को थामने में मदद मिलने की उम्मीद है.”
आरबीआई ने मंगलवार को कहा था कि वह बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ाने के लिए दो लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड खरीदेगा और 10 अरब डॉलर का डॉलर-रुपया खरीद-बिक्री की नीलामी करेगा. ओएमओ खरीद और अदला-बदली नीलामी 29 दिसंबर, 2025 से 22 जनवरी, 2026 के बीच की जाएगी.
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 1,794.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,812.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.18 प्रतिशत चढ़कर 62.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. सेंसेक्स मंगलवार को 42.64 अंक गिरकर 85,524.84 अंक और निफ्टी 4.75 अंक की मामूली बढ़त के साथ 26,177.15 अंक पर रहा था.

