Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

भारत-ईयू ने एफटीए वार्ता पूरी की, परिधान, रसायनों के लिए शून्य शुल्क; कार, वाइन के लिए रियायती पहुंच

January 27, 2026

‘जन नायकन’ सेंसर सर्टिफिकेट विवाद: मद्रास हाईकोर्ट में एकल पीठ का आदेश रद्द, फिल्म के रिलीज पर सस्पेंस बरकरार

January 27, 2026

छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, देश के पहले डिजिटल म्यूजियम की झलक ने छुआ दिल

January 27, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»International»‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन में तोड़फोड़ और आगजनी ‘योजनाबद्ध साजिश’: नेपाल के पूर्व गृहमंत्री
International

‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन में तोड़फोड़ और आगजनी ‘योजनाबद्ध साजिश’: नेपाल के पूर्व गृहमंत्री

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniDecember 29, 2025No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन में तोड़फोड़ और आगजनी ‘योजनाबद्ध साजिश’: नेपाल के पूर्व गृहमंत्री
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

काठमांडू. नेपाल के पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक ने सोमवार को दावा किया कि ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन हुई तोड़फोड़ और आगजनी “लोकतंत्र और राष्ट्र के खिलाफ एक योजनाबद्ध साजिश” का परिणाम थी. आठ और नौ सितंबर को भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाले ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया, जिससे प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था. ‘जेन जेड’ आंदोलन के दौरान कुल 77 लोग मारे गए थे, जिनमें 22 युवा शामिल थे.

लेखक सोमवार को ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन की जांच कर रहे उच्च स्तरीय आयोग के सामने पेश हुए. उन्होंने कहा कि वह 8 सितंबर की मौतों और अन्य क्षति के लिए पूर्ण नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं. उन्होंने हालांकि, दावा किया कि 9 सितंबर को देशभर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी स्वत? उत्पन्न हिंसा नहीं थी, बल्कि यह लोकतंत्र और राष्ट्र के खिलाफ एक योजनाबद्ध साजिश का परिणाम थी.

नेपाली कांग्रेस के नेता ने कहा कि आठ सितंबर की घटना के तुरंत बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि गृह मंत्रालय के राजनीतिक प्रमुख के रूप में उन्हें व्यक्तिगत और संस्थागत रूप से जिम्मेदारी महसूस हुई. हालांकि, लेखक ने 8 सितंबर के शांतिपूर्ण ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन और 9 सितंबर की हिंसक घटनाओं के बीच स्पष्ट अंतर किया. उनके अनुसार, 8 सितंबर का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, जिसे बाद में भड़काया और हथिया लिया गया, जिससे अगले दिन व्यापक आगजनी और हमले हुए.

उन्होंने कहा, “9 सितंबर की हिंसक घटनाएं राष्ट्रीय अखंडता, गरिमा और लोकतंत्र के खिलाफ थीं. कोई भी देशभक्त नेपाली सिंह दरबार सचिवालय, उच्चतम न्यायालय, संसद और राष्ट्रपति कार्यालय को आग लगाने की कल्पना भी नहीं कर सकता.” उन्होंने कहा कि यह “एक योजनाबद्ध साजिश” और “राष्ट्र और लोकतंत्र पर जानबूझकर हमला” था. जांच आयोग का नेतृत्व पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की कर रहे हैं. उसने लेखक को तलब किया था, जो ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री थे.

लेखक ने अपने स्पष्टीकरण में दावा किया कि तब के गृह मंत्री के रूप में उन्होंने 7 सितंबर को केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी सुरक्षा एजेंसियों ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने और अत्यधिक बल या हताहत से बचने पर सहमति जताई थी.
लेखक ने कहा, “जेन जेड प्रदर्शनकारियों की मांगें-भ्रष्टाचार विरोध, सुशासन और सोशल मीडिया साइट पर प्रतिबंध हटाना-वैध और व्यापक रूप से स्वीकार्य थीं.” लेखक ने कहा कि नौ सितंबर की घटना “क्षणिक क्रोध” का परिणाम नहीं हो सकती, जिसमें प्रमुख सरकारी कार्यालयों, निजी संपत्तियों, राजनीतिक पार्टी के भवनों, पुलिस इकाइयों और देशभर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को आग लगाई गई.
उन्होंने बताया कि इस तरह के समन्वित हमले तैयारी, योजना और इरादे को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा, “ये स्वाभाविक घटनाएं नहीं थीं. ये राष्ट्र के संस्थानों पर संगठित हमले थे.” लेखक ने आयोग को यह सुझाव भी दिया कि यह जांच की जाए कि विरोध प्रदर्शन में कौन घुसपैठ कर गया, 9 सितंबर के हमलों की योजना किसने बनाई और उन्हें किसने अंजाम दिया. उन्होंने कहा कि युवाओं की मांगों को स्वीकार किया जाना चाहिए, लेकिन अपराधिक कृत्यों को अलग से देखना और दंडित करना जरूरी है.

ओली और लेखक के काठमांडू घाटी छोड़ने पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि उन्हें आयोग के सामने पेश होने की आवश्यकता हो सकती है. जांच आयोग के प्रवक्ता विज्ञान राज शर्मा के अनुसार, लेखक को बुधवार को फिर से पेश होने के लिए कहा गया है, ताकि वह घटना के बारे में स्पष्टीकरण देना जारी रख सकें. शर्मा के अनुसार, आयोग ओली को तलब करने और घटना के संबंध में उनका स्पष्टीकरण दर्ज करने के लिए पत्र भेजने की तैयारी कर रहा है.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleकेरल: प्रवर्तन निदेशालय ने मलयालम फिल्मों के अभिनेता जयसूर्या से पूछताछ की
Next Article जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एमओयू किया गया
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

International

भारतीय मूल के व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद में पत्नी, तीन रिश्तेदारों की गोली मारकर हत्या की

January 24, 2026
International

‘बाहर के लोगों ने की हिंसा’, प्रदर्शन को लेकर ईरान का बड़ा दावा; कहा- थोपा गया तो युद्ध के लिए तैयार

January 24, 2026
International

ईरान के शीर्ष अभियोजक ने 800 कैदियों की फांसी रोकने के ट्रंप के दावे को खारिज किया

January 23, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Our Picks

भारत-ईयू ने एफटीए वार्ता पूरी की, परिधान, रसायनों के लिए शून्य शुल्क; कार, वाइन के लिए रियायती पहुंच

January 27, 2026

‘जन नायकन’ सेंसर सर्टिफिकेट विवाद: मद्रास हाईकोर्ट में एकल पीठ का आदेश रद्द, फिल्म के रिलीज पर सस्पेंस बरकरार

January 27, 2026

छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, देश के पहले डिजिटल म्यूजियम की झलक ने छुआ दिल

January 27, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.