मुंबई. साल 2025 के आखिरी कारोबारी सत्र में बुधवार को घरेलू शेयर बाजार करीब एक प्रतिशत चढ़कर बंद हुए. घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) का साथ मिलने और रिलायंस, टाटा स्टील एवं कोटक बैंक में लिवाली से बाजार गिरावट के दौर से उबरने में सफल रहा. विश्लेषकों ने कहा कि पिछले कुछ सत्रों की नरमी के बाद चुनिंदा शेयरों में कम मूल्य पर खरीदारी का रुझान देखा गया जिससे सूचकांकों में तेजी का माहौल रहा.
बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स लगातार पांच कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद 545.52 अंक यानी 0.64 प्रतिशत उछलकर 85,220.60 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 762.09 अंक बढ़कर 85,437.17 तक पहुंच गया था.
वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी चार दिनों की गिरावट से उबरकर 190.75 अंक यानी 0.74 प्रतिशत चढ़कर 26,129.60 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, टाइटन और ट्रेंट के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त में रहे.
हालांकि, टाटा कंसल्टेंसी र्सिवसेज (टीसीएस), टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस और सन फार्मा के शेयरों में बिकवाली देखी गई.
इसके साथ ही वर्ष 2025 का समापन सकारात्मक अंदाज में हुआ. इस साल सेंसेक्स 7,081.59 अंक यानी नौ प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी में 2,484.8 अंक यानी 10.50 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. इस तेजी के बीच बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण इस साल 33.84 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 4,75,79,238.11 लाख करोड़ रुपये (5.29 लाख करोड़ डॉलर) हो गया.
लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा, “भारतीय शेयर बाजारों ने पिछले कुछ सत्रों की गिरावट के बाद तेजी से वापसी की. इसके पीछे धातु शेयरों में तगड़ी खरीदारी की अहम भूमिका रही. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी निवेशक धारणा को समर्थन मिला.” बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,799 शेयर चढ़कर बंद हुए जबकि 1,413 शेयरों में गिरावट रही और 162 अन्य अपरिर्वितत रहे.
व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 1.19 प्रतिशत उछल गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 1.01 प्रतिशत की तेजी रही. हालांकि 2025 का साल मिडकैप एवं स्मालकैप कंपनियों के लिए उतना अच्छा नहीं साबित हुआ. मिडकैप सूचकांक में इस साल सिर्फ 1.09 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि स्मालकैप सूचकांक 6.62 प्रतिशत की संतोषजनक बढ़त लेने में सफल रहा.
ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, “साल के अंतिम कारोबारी सत्र में निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में धीरे-धीरे सुधार दिखा, जो मुख्य रूप से शॉर्ट कवरिंग और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के कारण रहा.” एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ.
यूरोपीय बाजारों में कारोबार के दौरान हल्की गिरावट देखी गई. अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 3,844.02 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 6,159.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.31 प्रतिशत चढ़कर 61.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. मंगलवार को सेंसेक्स लगातार पांचवें दिन गिरते हुए 20.46 अंक फिसलकर 84,675.08 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 3.25 अंक की मामूली गिरावट के साथ 25,938.85 पर बंद हुआ था.

