🔴पुलिस अफसरों की बैठक लेकर अपराधों की समीक्षा की गौतम ने
सीजी न्यूज ऑनलाइन, 22 फरवरी। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने 21 फरवरी को बिलासपुर रेंज के आईजी कार्यालय के सभागार में जिले के पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में आईजी रामगोपाल गर्ग, एएसपी ग्रामीण माधुलिका सिंह, एएसपी शहर पंकज पटेल, विशेष शाखा एएसपी दीपमाला कश्यप, अभियोजन के संयुक्त संचालक माखनलाल पांडे समेत पुलिस व फायर विभाग के सभी राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे।
डीजीपी ने सबसे पहले राजकिशोर नगर के सराफा कारोबारी से हुई लूट के मामले की जानकारी ली। 24 घंटे में अंतरराज्यीय समन्वय से आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरा माल बरामद करने पर टीम की तारीफ की। साथ ही कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए गश्त, संदिग्धों की जांच, होटल-लॉज की चेकिंग और खुफिया तंत्र मजबूत किया जाए।
ज्वेलरी शॉप व बैंकों की नियमित जांच और सीसीटीवी सिस्टम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि थानों में आने वाले हर व्यक्ति की शिकायत ठीक से सुनी जाए। थाना प्रभारी खुद रिपोर्ट सुनें और एफआईआर दर्ज करें। संदिग्ध मौत (मर्ग) के मामलों की जांच गंभीरता और बारीकी से हो। नाकेबंदी व्यवस्था सुधारने और राजपत्रित अधिकारियों द्वारा थानों की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए गए।
अभियोजन विभाग को निर्देश मिला कि अदालतों और थानों के समन्वय से आईसीजेएस सिस्टम के तहत ई-चालान और ई-एविडेंस की प्रक्रिया मजबूत की जाए, ताकि जांच की गुणवत्ता बेहतर हो और मामलों का निपटारा तेज हो।
होमगार्ड और फायर विभाग के साथ बैठक में डीजीपी ने सिरगिट्टी और मोपका की आगजनी घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को देने को कहा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
अंत में डीजीपी ने आईजी रामगोपाल गर्ग को निर्देश दिया कि रेंज के सभी जिलों में इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग में संवेदनशीलता और सख्ती, दोनों साथ चलें।

