Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

होर्मुज से गुजरा ‘जग विक्रम’: भारत के लिए राहत की खबर, युद्धविराम के बाद फिर शुरू हुआ समुद्री रास्ता – |

April 11, 2026

पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान

April 11, 2026

यातायात विभाग में बड़ा फेरबदल, 8 निरीक्षकों के तबादले

April 11, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Chhattisgarh»CJI ने डिजिटल रूप से जारी किया ई-स्मारिका “Nurturing the Future of the Judiciary”
Chhattisgarh

CJI ने डिजिटल रूप से जारी किया ई-स्मारिका “Nurturing the Future of the Judiciary”

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniFebruary 23, 2026No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
CJI ने डिजिटल रूप से जारी किया ई-स्मारिका “Nurturing the Future of the Judiciary”
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

🔴छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की विरासत को किया रेखांकित

रायपुर, 23 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा कल रायपुर स्थित होटल बेबीलोन कैपिटल में भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant के सम्मान में एक गरिमामय अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश P. S. Narasimha एवं Prashant Kumar Mishra विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं High Court of Chhattisgarh के मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सभी माननीय न्यायाधीश भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों के औपचारिक स्वागत एवं अभिनंदन से हुआ। इसके पश्चात माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की वर्ष 2026 की ई-स्मारिका “Nurturing the Future of the Judiciary” का डिजिटल विमोचन किया गया। यह ई-स्मारिका न्यायिक अकादमी की स्थापना से लेकर आधुनिक विधिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उसके विकास की यात्रा को दर्शाती है।
अपने स्वागत उद्बोधन में मुख्य न्यायाधीश रमेेश सिन्हा ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश श्री सूर्यकांत का संवैधानिक मूल्यों एवं न्यायिक निष्पक्षता के प्रति समर्पण समूचे न्यायिक समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि ई-स्मारिका केवल एक डिजिटल दस्तावेज नहीं, बल्कि न्यायिक शिक्षा, अधोसंरचना विकास और डिजिटल युग के अनुरूप हुए परिवर्तन का सजीव दस्तावेज है।
अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश श्री सूर्यकांत ने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय गणराज्य की युवा संवैधानिक संस्थाओं में से एक है, किंतु इसने अल्प समय में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को “छत्तीसगढ़” नाम पारंपरिक रूप से “छत्तीस किलों की भूमि” के रूप में जाना जाता है। ये किले केवल रक्षा संरचनाएं नहीं थे, बल्कि प्रशासन और सामुदायिक जीवन के केंद्र थे। इसी प्रकार संवैधानिक न्यायालय आधुनिक लोकतंत्र के किले हैं, जो भू-भाग नहीं बल्कि नागरिकों के अधिकारों और संवैधानिक सीमाओं की रक्षा करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक न्यायाधीश को अपने दायित्वों में सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए। साथ ही न्यायालय को समाज से कटकर “आइवरी टॉवर” नहीं बनना चाहिए, बल्कि बस्तर, सरगुजा सहित राज्य के हर जिले तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि न्यायिक अकादमी केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि न्यायपालिका की भावी शक्ति का निर्माण स्थल है। युवा उच्च न्यायालय के लिए अकादमी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यहीं से संवैधानिक संस्कृति और संस्थागत परंपराएं विकसित होती हैं।
कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश Sanjay K. Agrawal द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समारोह में उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश, तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पी. सैम कोशी, विधि विभाग के प्रधान सचिव, रजिस्ट्रार जनरल, न्यायिक अकादमी के अधिकारी एवं रायपुर जिला के न्यायिक अधिकारी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous ArticleNPS का नया रूप: अब पेंशन के साथ हेल्थ प्रोटेक्शन भी मिलेगा
Next Article भारत ने कच्चे तेल की रणनीति बदली, सऊदी अरब को फायदा, रूस का क्रूड फ्लो कम
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Chhattisgarh

पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान

April 11, 2026
Chhattisgarh

यातायात विभाग में बड़ा फेरबदल, 8 निरीक्षकों के तबादले

April 11, 2026
Chhattisgarh

कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है श्रीमद्भागवत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

April 11, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

होर्मुज से गुजरा ‘जग विक्रम’: भारत के लिए राहत की खबर, युद्धविराम के बाद फिर शुरू हुआ समुद्री रास्ता – |

April 11, 2026

पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान

April 11, 2026

यातायात विभाग में बड़ा फेरबदल, 8 निरीक्षकों के तबादले

April 11, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.