Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

वीकेंड होगा धमाकेदार: OTT पर आ रही हैं 8 जबरदस्त फिल्में और सीरीज, हर मूड के लिए पूरा एंटरटेनमेंट पैक – |

April 29, 2026

शासकीय कर्तव्यों की उपेक्षा और अनुशासनहीनता बरतने पर पर व्याख्याता निलंबित

April 29, 2026

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के अहम फैसले: शहरी गैस वितरण नीति को मंजूरी

April 29, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Chhattisgarh»हिंदू रीति-रिवाज को अपनाने वाले ST को हिंदू मैरिज एक्ट से बाहर नहीं कर सकते
Chhattisgarh

हिंदू रीति-रिवाज को अपनाने वाले ST को हिंदू मैरिज एक्ट से बाहर नहीं कर सकते

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniMarch 6, 2026No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
हिंदू रीति-रिवाज को अपनाने वाले ST को हिंदू मैरिज एक्ट से बाहर नहीं कर सकते
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

🔴छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला

राष्ट्रवाणी 06 मार्च 2026 । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जगदलपुर फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत एक दंपति को हिंदू मैरिज एक्ट के तहत तलाक की याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू परंपराओं को मानने वाले एसटी समुदाय को हिंदू मैरिज एक्ट से बाहर नहीं रखा जा सकता है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं को मानने वाले एसटी समुदाय के लोगों को हिंदू मैरिज एक्ट ,1955 के नियमों से बाहर नहीं रखा जा सकता है। जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने अपने फैसले में कहा है।

फैमिली कोर्ट के आदेश को किया रद्द

दरअसल, सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया है, जिसमें एक आदिवासी पति और एसटी समाज की पत्नी की आपसी सहमति से तलाक की याचिका को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद कपल ने हाईकोर्ट का रूख किया था।

फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए गए थे दोनों

इस कपल की शादी 15 अप्रैल 2009 को हुई थी। अप्रैल 2014 से दोनों अलग रह रहे थे। इसके बाद हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 13बी के तहत अपनी शादी खत्म करने के लिए बस्तर के जगदलपुर स्थित फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जगदलपुर फैमिली कोर्ट ने पिछले साल 12 अगस्त को एक्ट के सेक्शन 2 (2) का हवाला देते हुए उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। साथ ही कहा था कि यह एक्ट एसटी पर तब तक लागू नहीं होता, जब तक केंद्र नोटिफिकेशन के लिए जरिए कोई और निर्देश न दे।

हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी शादी

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने कहा कि उनकी शादी हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी। इसमें सप्तपदी की रस्म भी शामिल थी। दोनों ने कहा कि हमने आदिवासी रीति-रिवाजों के बजाए हिंदू परंपराओं का पालन किया है।
दलीलें सुनने के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि जब किसी जनजाति के सदस्य अपनी मर्जी से हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करते हैं तो उन्हें 1955 के एक्ट के नियमों के दायरे से बाहर नहीं रखा जा सकता है।

बाहर करने के लिए नहीं है यह

डबल बेंच ने यह भी कहा कि धारा 2(2) जनजातीय प्रथागत कानूनों की सुरक्षा के लिए है, न कि उनलोगों को बाहर करने के लिए जिन्होंने हिंदू परंपराएं अपना ली हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया। कहा कि यदि प्रमाण से यह साबित होता है कि आदिवासी हिंदू परंपराओं का पालन कर रहे हैं तो विरासत और विवाह से जुड़े मामलों में उन पर हिंदू कानून लागू होगा।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous ArticleThe Bonus Market Update: गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार; सेंसेक्स 357 अंक टूटा, निफ्टी 24700 के नीचे
Next Article Dhurandhar Trailer: खत्म हुआ इंतजार, इस दिन रिलीज होगा ‘धुरंधर 2’ का ट्रेलर; नोट कर लीजिए समय और तारीख
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Chhattisgarh

शासकीय कर्तव्यों की उपेक्षा और अनुशासनहीनता बरतने पर पर व्याख्याता निलंबित

April 29, 2026
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के अहम फैसले: शहरी गैस वितरण नीति को मंजूरी

April 29, 2026
Chhattisgarh

देश में पहली पहल : दुर्ग का जेंडर-बैलेंस्ड सिस्टम बना रोल मॉडल

April 29, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202549 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202547 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202544 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202549 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202547 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202544 Views
Our Picks

वीकेंड होगा धमाकेदार: OTT पर आ रही हैं 8 जबरदस्त फिल्में और सीरीज, हर मूड के लिए पूरा एंटरटेनमेंट पैक – |

April 29, 2026

शासकीय कर्तव्यों की उपेक्षा और अनुशासनहीनता बरतने पर पर व्याख्याता निलंबित

April 29, 2026

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के अहम फैसले: शहरी गैस वितरण नीति को मंजूरी

April 29, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.