सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 22 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में सेवारत शासकीय सेवकों के आचरण नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। जीएडी ने कल एक आदेश जारी कर किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता लेने पर रोक लगाई है। ऐसा करने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दूसरी ओर अनेक कर्मचारी नेता सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मचारी संगठनों में महत्वपूर्ण पदों पर बने हुए हैं और समानांतर रूप से कांग्रेस, भाजपा, और अन्य राजनीतिक दलों से भी जुड़े हुए हैं।
जानकारी के अनुसार कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां सेवानिवृत्त कर्मचारी एक ओर कर्मचारी संगठनों में प्रभाव बनाए हुए हैं।
यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, जिससे कर्मचारी संगठनों की निष्पक्षता और वैधानिकता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में यह भी देखा गया है कि कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के लेटरपैड का उपयोग कर पेंशनर फोरम संचालित कर रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध माना जा रहा है।
इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए सरकार से मांग की है कि सभी कर्मचारी संघों के प्रमुख पदाधिकारियों की विस्तृत जांच कराई जाए।
महासंघ का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी सेवानिवृत्त व्यक्ति या राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति कर्मचारी संगठनों में पद धारण न करे।
जो संगठन नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएं, उनकी मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इस प्रकार के आदेश पूर्व में भी जारी होते रहे हैं, लेकिन वे अब तक केवल औपचारिकता और खानापूर्ति साबित हुए हैं। यदि सरकार वास्तव में अपने आदेशों का पालन सुनिश्चित करना चाहती है, तो उसे ठोस कदम उठाते हुए सख्ती दिखाने की आवश्यकता है।
यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो कर्मचारी संगठनों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर लगातार प्रश्नचिन्ह बने रहेंगे और सरकारी आदेश महज खाना पूर्ति बन कर रह जाएगा।

