🔴भिलाई से चार को मिली नियुक्ति, सोनवानी के बेटे समेत 4 की नियुक्ति रोकी गई
राष्ट्रवाणी, 14 मई 2026। राज्य सरकार ने बहुचर्चित पीएससी-2021 भर्ती मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद 11 चयनित अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर पद पर नियुक्ति देते हुए उनकी पदस्थापना कर दी है। वहीं सीबीआई जांच के दायरे में आए 4 अभ्यर्थियों की नियुक्ति फिलहाल रोक दी गई है।
पीएससी-2021 परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद साय सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। जांच में साक्ष्य मिलने पर सीबीआई ने तत्कालीन पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव समेत अन्य लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। मामले में सोनवानी सहित चार आरोपी जेल में हैं।
जांच लंबित होने के कारण सरकार ने चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं, उन्हें नियुक्ति दी जाए।
बताया गया कि पीएससी-2021 में 15 अभ्यर्थी डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित हुए थे। इनमें से 11 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देकर विभिन्न जिलों में पदस्थ किया गया है। जिन 4 अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोकी गई है, उनमें शशांक गोयल, भूमिका कटियार, नितेश सोनवानी और सुमित ध्रुव शामिल हैं।
जारी आदेश के अनुसार प्रज्ञा नायक को बलरामपुर-रामानुजगंज, अनन्या अग्रवाल को दुर्ग, राणा विजय को सारंगढ़-बिलाईगढ़, अमित कुमार भारद्वाज को दंतेवाड़ा, खुशबू बिजीरा को कोरिया और नेहा खलखो को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में पदस्थ किया गया है।
इसी तरह प्रिंसी तम्बोली को सरगुजा, साक्षी ध्रुव को गरियाबंद, निखिल खलखो को रायगढ़, महेन्द्र कुमार सिदार को नारायणपुर तथा राजेन्द्र कुमार कौशिक को कोंडागांव जिले में डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


